नई दिल्ली/केप कैनावेरल : नासा का चांद मिशन आर्टेमिस II लगातार आगे बढ़ रहा है। लेकिन जब अंतरिक्ष यात्रियों ने पीछे मुड़कर देखा तो वे भावुक हो गए। क्योंकि, हमारी पृथ्वी उनके कैप्सूल से बेहद ही खूबसूरत नजर आई है। जिसे उन्होंने तस्वीरों में कैद किया है।
अमेरिका के नासा का बड़ा मिशन आर्टेमिस II इन दिनों इतिहास रच रहा है। करीब 50 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जा रहे इस मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से पृथ्वी की बेहद खूबसूरत तस्वीरें भेजी हैं, जिसने सबको हैरान कर दिया है।
आर्टेमिस II के यात्रियों ने कैद किया अद्भुत नजारा : इस मिशन के कमांडर रीड वाइजमैन ने जो पहली तस्वीर ली, उसमें पृथ्वी का एक घुमावदार हिस्सा कैप्सूल की खिड़की से नजर आता है। दूसरी तस्वीर में पूरी पृथ्वी दिखाई देती है, जिसमें नीले महासागर, सफेद बादलों की लहरें और यहां तक कि हरे रंग की ऑरोरा (उत्तरी रोशनी) भी चमकती दिख रही है। नासा के मुताबिक, ये नजारा अंतरिक्ष से बेहद शानदार और भावुक कर देने वाला था।

पृथ्वी की दो तस्वीरें-1972 में अपोलो 17; 2026 में आर्टेमिस II : नासा की अधिकारी लाकीशा हॉकिन्स ने कहा कि यह सोचकर ही रोमांच होता है कि इस तस्वीर में हमारे चार अंतरिक्ष यात्रियों को छोड़कर पूरी मानवता दिखाई दे रही है। उन्होंने बताया कि मिशन पूरी तरह से सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। फिलहाल यह टीम पृथ्वी से करीब 1.8 लाख किलोमीटर दूर पहुंच चुकी है और तेजी से चांद की ओर बढ़ रही है। अभी उन्हें करीब 2.4 लाख किलोमीटर और सफर तय करना है और वे सोमवार तक चांद के पास पहुंच जाएंगे।

पृथ्वी के आधे हिस्से पर दिन और आधे पर रात : इस मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। ये लोग अपने ओरियन कैप्सूल में चांद के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी की ओर लौटेंगे। खास बात यह है कि वे चांद पर उतरेंगे नहीं, बल्कि एक यू-टर्न लेकर सीधे वापस आएंगे।

दिन ही नहीं रात में भी चमकती है पृथ्वी : कमांडर वाइजमैन ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उनके कैप्सूल की खिड़की से पूरी पृथ्वी नजर आई, तो वह पल इतना अद्भुत था कि चारों अंतरिक्ष यात्री कुछ देर के लिए चुप हो गए। उनके मुताबिक, यह उनकी जिंदगी के सबसे शानदार पलों में से एक था।
54 साल बाद चांद की ओर मानवता की उड़ान : बता दें कि, करीब 50 साल बाद इंसान फिर से चांद की तरफ जा रहा है। नासा के आर्टेमिस-II मिशन की सफल लॉन्चिंग हो गई है। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री, रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन, ओरियन कैप्सूल में बैठकर जा रहे हैं। आर्टेमिस-II भारतीय समयानुसार गुरुवार (2 अप्रैल 2026) सुबह 4:05 बजे फ्लोरिडा से सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ।यह 10 दिन की यात्रा अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से करीब 4.06 लाख किलोमीटर दूर तक ले जाएगी, जो अब तक की सबसे लंबी मानव अंतरिक्ष यात्रा मानी जा रही है।
इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री चांद के करीब तक जाएंगे, लेकिन वहां उतरेंगे नहीं। यह एक परीक्षण मिशन है, जिसका उद्देश्य भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए जरूरी तकनीक और क्षमताओं को परखना है। पूरा मिशन करीब 10 दिनों में पूरा होगा और अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटेंगे।
