औरंगाबाद : बिहार में औरंगाबाद और रोहतास जिले में पिछले कई दिनों से लोगों के लिए दहशत का कारण बना एक जंगली हाथी आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। बारुण प्रखंड के मेह पुल के पास 11,000 वोल्ट के हाई-टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से जंगली हाथी की दर्दनाक मौत हो गई। हाथी की मौत के बाद इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
पलामू के जंगलों से भटककर बिहार पहुंचा : जानकारी के अनुसार यह हाथी झारखंड के पलामू के जंगलों से भटककर बिहार के रोहतास जिले में प्रवेश कर गया था। रोहतास के तिलौथू प्रखंड में हाथी ने कई घरों और खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाया, जिससे ग्रामीणों में काफी दहशत का माहौल बन गया था। वन विभाग की टीम लगातार हाथी पर नजर बनाए हुए थी, लेकिन वह लगातार इलाके बदलता हुआ आगे बढ़ता रहा।
इंद्रपुरी बराज में फंस गया था : भटकते-भटकते हाथी इंद्रपुरी बराज के पश्चिमी जल संग्रहण क्षेत्र के गेट में जा फंसा था। काफी देर तक संघर्ष करने के बाद वह किसी तरह वहां से बाहर निकलने में सफल हुआ और पटना कैनाल नहर के किनारे-किनारे चलते हुए बारुण प्रखंड के मेह पुल के पास पहुंच गया।
हाईटेंशन तार काफी नीचे झूल रहा था : बताया जाता है कि मेह पुल के पास बिजली का 11,000 वोल्ट का हाईटेंशन तार जमीन से काफी नीचे झूल रहा था। जैसे ही हाथी उस जगह से गुजर रहा था, वह तार के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही हाथी मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही : घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर बिजली के तार सही ऊंचाई पर होते तो शायद हाथी की जान बच सकती थी। लोगों ने इस घटना को बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही बताया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं हाथी की मौत के बाद इलाके में शोक और हैरानी का माहौल है। कई ग्रामीणों का कहना है कि इतने विशाल और शक्तिशाली जानवर का इस तरह करंट से मर जाना बेहद दुखद और चिंताजनक है।
