हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के केरेडारी ओपी थाना क्षेत्र अंतर्गत पगार ओपी इलाके में स्थित चट्टी बरियातू कोल परियोजना में वर्करों पर हमले से भय और दहशत का माहौल है। दरअसल कोयला उत्खनन में लगी कंपनी के कर्मचारियों पर हमला कर दिया गया।
हमला का आरोप झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर लगा है। योगेंद्र साव अपने हाथों में तीर धनुष लेकर रित्विक कंपनी के वर्करों पर पहाड़ के ऊपर से हमला करते हुए नजर आ रहे हैं। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। हालांकि इस वीडियो की सच्चाई के बारे में पुष्टि नहीं की जाती है।
कोयला खनन के विरोध में तीर-धनुष से हमला : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार झारखंड सरकार में मंत्री रह चुके योगेंद्र साव खुद तीर-धनुष चलाते नजर आ रहे है। दावा किया जा रहा है कि एनटीपीसी परियोजना क्षेत्र में कोयला खनन पर विरोध दर्ज कराने के लिए वो हाथ में तीर-धनुष लेकर गाड़ियों पर हमला करते नजर आ रहे है।
तीर-धनुष से हमले के बाद मची अफरा-तफरी : बताया जाता है कि एनटीपीसी परियोजना क्षेत्र में योगेंद्र साव की ओर से पहाड़ की चोटी पर चढ़ कर खुद अपने हाथ में तीर-धनुष लेकर वहां काम कर रहे कंपनी के वर्करों को निशाना बनाते हुए तीर चलाया गया। घटना के बाद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
घटना की सत्यता की जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा : कंपनी के कर्मचारियों को कहना है कि इससे पहले भी पूर्व मंत्री की ओर से खुलेआम उन्हें धमकी देने और काम रोकने की कोशिश की गई है। पुलिस की ओर से इस घटना की सत्यता की जांच की जा रही है पुलिस के अनुसार मामले की पुष्टि होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों और चर्चा में रहे हैं योगेंद्र साव : पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों और चर्चा में रहे हैं, लेकिन इस बार तीर-धनुष चलाने की घटना ने उन्हें फिर सुर्खियों में ला दिया है। इस घटना को लेकर विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सत्ताधारी दल से जुड़े वरिष्ठ नेता की इस तरह की हरकत से सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है।
