पटना : राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में आरोप तय करने का शुक्रवार को आदेश दिया।
लालू फैमिली में जिन लोगों के खिलाफ आरोप तय हुए हैं उनमें राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव और हेमा यादव का नाम शामिल हैं। इन नामों में राबड़ी, मीसा, तेजस्वी और तेजप्रताप तो राजनीति में रहने के कारण मीडिया की सुर्खियों रहते हैं, हेमा यादव आम लोगों के लिए थोड़ा अनजाना नाम है।
जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में हेमा यादव का सबसे पहली बार बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे सुशील कुमार मोदी ने नाम लिया था। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सुशील मोदी ने कुछ दस्तावेज मीडिया में सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया था कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए ग्रुप डी में सरकारी नौकरी देने के एवज में गरीबों से जो जमीन ली थी, उसमें कुछ प्लॉट बेटी हेमा यादव के नाम पर भी लिखवाई गई थी।
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की 5वीं बेटी हेमा यादव की शादी दिल्ली के राजनीतिक परिवार में हुई है। हेमा ने प्रतिष्ठित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से इंजीनियरिंग की डिग्री ली है। हेमा यादव फिलहाल अपना परिवार संभालती हैं। वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पिता और परिवार की राजनीति के समर्थन में लिखती भी हैं।
अब विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि लालू यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर की तरह में इस्तेमाल किया ताकि वह एक आपराधिक गतिविधि को अंजाम दे सकें। उन्होंने कहा कि इसमें सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके लालू परिवार ने रेलवे अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीन हासिल की।
