धनबाद : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएसएम) धनबाद में पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के लिए पाँच दिवसीय नेतृत्व एवं प्रबंधन विकास कार्यक्रम (एमडीपी) की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम 27 से 31 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें 40 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं, जो धनबाद, पलामू, देवघर, दुमका, गिरिडीह, लोहरदगा, गढ़वा और गोड्डा जिलों से आए हैं।
यह कार्यक्रम आईआईटी (आईएसएम) की चल रही एमडीपी श्रृंखला का हिस्सा है और इसका नेतृत्व प्रो. रजनी सिंह, डीन कॉरपोरेट कम्युनिकेशन एवं प्रोफेसर, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग, कर रही हैं। उनके नेतृत्व में पिछले वर्ष ग्रामीण प्रशासन से जुड़े विषयों पर मंत्रालय स्तर का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के पहले दिन प्रो. रजनी सिंह ने “ग्रासरूट गवर्नेंस और कम्युनिकेशन” विषय पर सत्र लिया। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर बेहतर संवाद से प्रशासनिक कामकाज ज्यादा प्रभावी बनता है। दूसरे सत्र “कम्युनिकेशन और लीडरशिप” में उन्होंने कहा कि एक अच्छा जनप्रतिनिधि वही है जो लोगों की बात सुन सके और टीम के साथ मिलकर काम कर सके। दोनों सत्रों में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और सक्रिय रूप से भाग लिया।
दोपहर के बाद प्रतिभागियों को दो अलग सत्रों में कंप्यूटर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण श्री कौशिक मंडल, प्रिंसिपल सिस्टम्स इंजीनियर एवं पूर्व प्रभारी, कंप्यूटर सेंटर, आईआईटी (आईएसएम) ने कराया।
आने वाले दिनों में गांव विकास, राजस्व स्रोत, ऑडिट प्रणाली, सरकारी खरीद, ग्रामीण स्वास्थ्य तकनीक, टीम प्रबंधन, परियोजना मॉनिटरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रामीण वित्त जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित होंगे।
यह कार्यक्रम स्थानीय शासन को मजबूत बनाने और जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
