नई दिल्ली : भारत अपनी सैन्य ताकतों को बढ़ाने में लगा है. इस पर काफी ज्यादा जोर दे रहा है. आज आंध्र प्रदेश के कुरनूल में फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट, मिसाइल और स्वार्म ड्रोन को मार गिराने की क्षमता रखने वाले 30 किलोवाट लेजर आधारित हथियार प्रणाली का प्रदर्शन किया. जिसके बाद देश भारत अमेरिका, चीन और रूस सहित उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है. इस महाअस्त्र से देश की ताकत और ज्यादा बढ़ेगी. इसे लेकर DRDO के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने कई बातें कही है.
उन्होंने कहा कि अगर आप दुनिया में कहीं भी किसी भी कार्यक्रम को देखें, तो एक नया प्लेटफ़ॉर्म विकसित करने में 10 से 15 साल लगते हैं. इसलिए हमने यह यात्रा 2024 में ही शुरू की है, जब CCS ने इस परियोजना को मंज़ूरी दी थी. इसलिए इसमें दस साल लगेंगे और हमने 2035 तक प्लेटफ़ॉर्म देने की प्रतिबद्धता जताई है.
आगे कहा कि हम एक AERO इंजन कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं और हम विकास के जोखिमों को कम करने के लिए एक विदेशी OEM के साथ सहयोग करना चाहते हैं. AERO इंजन तकनीक एक बहुत ही जटिल तकनीक है, हालांकि हमने कावेरी से बहुत कुछ सीखा है. कावेरी चौथी पीढ़ी का इंजन था और वर्तमान इंजन तकनीक छठी पीढ़ी में चली गई है, इसलिए हम जोखिमों को कम करने के साथ-साथ विकास के समय को कम करने के लिए विदेशी OEM के साथ काम करना चाहते हैं. उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में हमें इस बारे में कुछ अच्छी खबर मिलेगी.
इसके अलावा कहा कि जहां तक मुझे पता है, अमेरिका, रूस और चीन ने इस क्षमता का प्रदर्शन किया है. इजरायल भी इसी तरह की क्षमताओं पर काम कर रहा है, मैं कहूंगा कि हम इस प्रणाली का प्रदर्शन करने वाले दुनिया के चौथे या पांचवें देश हैं. इससे भारत देश और ऊंचाईयों पर जाएगा.