बुर्किना फासो : संकट में मदद के लिए आगे आया भारत, राहत देने के लिए भेजी 1000 टन चावल की खेप

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नई दिल्ली : भारत ने एक बार फिर आपदा से पीड़ित देश को सहायता पहुंचा कर मानवता की मिसाल पेश की है। बुर्किना फासो में इस समय राजनीतिक अस्थिरता (तख्तापलट) और सूखे जैसी जलवायु परिस्थितियों के कारण कृषि व्यवस्था चरमरा गई है। इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बुर्किना फासो को कुछ राहत देने के लिए 1000 मीट्रिक टन चावल भेजे हैं।

बुर्किना फासो को भेजी राहत सामग्री : विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत ने मानवीय सहायता के तौर पर बुर्किना फासो को 1000 मीट्रिक टन चावल की एक खेप भेजी है। उन्होंने आगे लिखा कि इसका उद्देश्य कमजोर समुदायों और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की खाद्य सुरक्षा में सहायता करना है।

भारत की प्रतिबद्धता को दिखाता कदम : विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे लिखा कि यह कदम ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के लिए एक भरोसेमंद विकास और #HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) साझेदार के रूप में भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इसके पीछे क्या भारत का उद्देश्य :

बता दें कि भारत खुद को विकासशील देशों (Global South) की आवाज के रूप में पेश करता है।
सहायता भेजकर भारत यह साबित करता है कि वह संकट के समय केवल बातें नहीं करता, बल्कि जमीन पर मदद भी पहुंचाता है।
इससे पहले भी भारत संकट की घड़ी में कई देशों की मदद करता आया है।
संकट के समय में भारत अफगानिस्तान ,तुर्किये और सीरिया ,यूक्रेन समेत कई देशों की मदद कर चुका है।