रांची : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में 1200 डॉक्टरों और 7500 एएनएम-जीएनएम की नियुक्ति का ऐलान किया। डॉ. इरफान अंसारी मंगलवार को विश्व याक्ष्मा दिवस पर रांची में नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल ऑफिसरों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
झारखंड में 1200 नए सब-सेंटर का निर्माण : डॉ. इरफान अंसारी ने वर्ष 2029 तक झारखंड को टीबी मुक्त राज्य बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से समाप्त करना है। उन्होंने राज्य में1200 डॉक्टरों और 7500 एएनएम-जीएनएम कर्मियों की नियुक्तियों के साथ 1200 नए सब-सेंटर का निर्माण की भी घोषणा की।
सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा अप्रैल तक : स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 200 नए सब-सेंटर के लिए लगभग 10,000 मैनपावर की बहाली की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा अप्रैल तक उपलब्ध दी जाएगी।
एमबीबीएस और पीजी सीटों में 700 से अधिक की वृद्धि : डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में 700 से अधिक एमबीबीएस और पीजी सीटों में वृद्धि होने की उम्मीद है, ताकि राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़े। इसके अलावा ब्रांबे में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना अंतिम चरण में है। कुलपति की नियुक्ति हो चुकी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का विश्वास बढ़ा है ओर झारखंड मेडिकल हब बन रहा है।
मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य नीतियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली के कारण अब बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से भी डॉक्टर यहां सेवा देने के लिए आ रहे हैं। डॉक्टरों को अब भरोसा है कि राज्य का नेतृत्व एक डॉक्टर के हाथों में है, जो उनकी पीड़ा और जिम्मेदारियों को समझता है।
वर्ष 2026 में 12 लाख टीबी जांच का लक्ष्य : इस मौके पर विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में 9.5 लाख लोगों की टीबी जांच की गई थी, जबकि वर्ष 2026 में 12 लाख जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन एवं पारदर्शी रही और डॉक्टरों को स्वेच्छा से स्थान चयन की सुविधा दी गई है। इसलिए बाद में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।
डॉ. इरफान अंसारी ने टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले टीबी चैंपियंस, सहियाओं और एनजीओ को सम्मानित किया गया।इस मौके पर टीबी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएगा।
