नई दिल्ली : इसरो का मिशन PSLV-C62 मिशन 12 जनवरी को फेल हो गया था लेकिन इसमें से एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है. स्पेन की एक कंपनी ऑर्बिटल पैराडाइम ने बताया कि उनका छोटा सैटेलाइट (KID कैप्सूल) इस हादसे में भी सुरक्षित बच गया. जब रॉकेट में खराबी आई तो मुख्य सैटेलाइट नष्ट हो गया लेकिन यह 25 किलो का छोटा मॉडल रॉकेट से अलग होने में कामयाब रहा. खराब हालातों के बाद भी इसने धरती पर जरूरी जानकारी भेजना शुरू कर दिया है.
स्पेनिश कंपनी ऑर्बिटल पैराडाइम ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि उनका छोटा सैटेलाइट रॉकेट से अलग होने के बाद चालू हो गया और उसने 3 मिनट से ज्यादा समय तक जानकारी भेजी. बहुत ज्यादा गर्मी और दबाव झेलने के बाद भी यह सुरक्षित रहा. कंपनी के पास अब अंदरूनी तापमान की जानकारी है और वे जल्द ही इसकी पूरी रिपोर्ट देंगे.
इस कैप्सूल को इस तरह बनाया गया था कि यह अंतरिक्ष से वापस लौटते समय दक्षिण प्रशांत महासागर में गिरे. लौटते समय इसने इतनी ज्यादा गर्मी झेली और दबाव झेला जिसमें कोई भी मशीन टूटकर बर्बाद हो जाए लेकिन यह कैप्सूल बच गया. ISRO ने इस साल का पहला रॉकेट PSLV C-62 सुबह 10:17 मिनट पर लॉन्च किया था.
इस रॉकेट लॉन्च में भारत के DRDO का एक खास सैटेलाइट और दूसरे देशों के 15 छोटे सैटेलाइट शामिल थे. लेकिन उड़ान के दौरान रॉकेट के तीसरे हिस्से में गड़बड़ी हो गई जिस वजह से सैटेलाइट अपनी सही जगह नहीं पहुंच पाए और माना जा रहा है कि सभी 16 सैटेलाइट खत्म हो गए. ISRO अध्यक्ष ने गड़बड़ी की बात स्वीकार की है और वैज्ञानिक इसकी जांच कर रहे हैं.
ISRO का PSLV रॉकेट बहुत ही भरोसेमंद माना जाता है लेकिन इसकी उड़ान का फेल होना बहुत ही दुर्लभ घटना है. इसके बाद भी एक छोटे सैटेलाइट का बच निकलना यह दिखाता है कि आजकल की नई तकनीक कितनी मजबूत है. साथ ही, इससे यह भी पता चलता है कि दुनिया भर की कंपनियां अपने सैटेलाइठ भेजने के लिए भारतीय रॉकेटों पर कितना भरोसा करती है.
