J&K : LoC के पास आतंकियों के घुसपैठ की कोशिश नाकाम, जवानों ने 2 को किया ढेर

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नई दिल्ली : भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर घुसपैठ की एक कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम करते हुए दो घुसपैठियों को मार गिराया. उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर के नौशहरा नारद इलाके में नियंत्रण रेखा (LoC) पर सतर्क जवानों ने रात के समय घुसपैठ रोधी अभियान में 2 आतंकवादियों को ढेर कर दिया.

फिलहाल आतंकवादियों की पहचान और उनके संगठन का पता लगाया जा रहा है. यह अभियान जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकवाद की मौजूदा चुनौती को रेखांकित करता है.

रिपोर्ट के अनुसार, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के सतर्क जवानों ने तड़के संदिग्ध गतिविधियां देखीं और तुरंत घुसपैठियों से मुठभेड़ शुरू कर दी. इसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई और जवानों ने दोनों आतंकवादी को जहन्नुम की राह दिखा दी. इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और घुसपैठिया या खतरा न बचा हो. यह अभियान अभी भी जारी है और अधिकारी क्षेत्र में कड़ी सतर्कता बरत रहे हैं.

सेना की चिनार कोर की ओर से जारी किए गए बयान में बताया गया कि यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया. सतर्क सैनिकों ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पास संदिग्ध गतिविधि देखी और घुसपैठियों को ललकारा. 

जवाब में आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद सेना ने प्रभावी जवाबी कार्रवाई करते हुए दो घुसपैठियों को ढेर कर दिया. यह हाल के दिनों में घुसपैठ की दूसरी नाकाम कोशिश है. 3 दिन पहले बारामूला जिले के उरी सेक्टर में भी सेना ने नियंत्रण रेखा के पास संदिग्ध हलचल का पता चलने पर घुसपैठ की एक अन्य कोशिश को नाकाम कर दिया था.

इससे पहले, 13 अगस्त को इसी सेक्टर में गोलीबारी के दौरान एक भारतीय सैनिक शहीद हो गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें लगातार जारी हैं. सेना और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठनों द्वारा घाटी में शांति भंग करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन सुरक्षाबल हर स्थिति के लिए सतर्क और तैयार हैं. 

नियंत्रण रेखा के पास स्थित गुरेज सेक्टर, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है. यह पीओके के बहुत निकट और किशन गंगा नदी से सटा होने के कारण घुसपैठ के प्रयासों का एक प्रमुख मार्ग है. गुरेज सेक्टर का ऊबड़-खाबड़ इलाका ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण मौसम जो अक्सर भारी बर्फबारी या भूस्खलन के कारण और भी जटिल हो जाता है, ऐसे अभियानों को और जटिल बना देता है. लेकिन भारतीय सेना प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, घुसपैठ की किसी भी और कोशिश को रोकने के लिए नियंत्रण रेखा पर कड़ी निगरानी रख रही है.