झारखंड : CM हेमंत दावोस से लौटे रांची, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत; कहा-वैश्विक मंच पर प्रभावी उपस्थिति

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रांची : दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में भाग लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड लौटे। राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उनके साथ विधायक कल्पना सोरेन का ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ भव्य स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में मौजूद झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया, जिससे एयरपोर्ट परिसर उत्सव के रंग में नजर आया।

वैश्विक मंच पर झारखंड की प्रभावी उपस्थिति : मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के गठन के बाद यह पहला अवसर है, जब राज्य की बात किसी वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से रखी गई। उन्होंने बताया कि दावोस में आयोजित सम्मेलन के दौरान झारखंड के जल, जंगल और जमीन की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए राज्य की आर्थिक, औद्योगिक और व्यापारिक संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया गया।

शिक्षा और युवाओं के भविष्य पर फोकस : मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं थी। इसका उद्देश्य झारखंड की आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य तैयार करना भी था। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई। साथ ही खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

निवेश के लिए सकारात्मक माहौल बनाने की पहल : उन्होंने कहा कि झारखंड में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया। दावोस सम्मेलन के दौरान विभिन्न औद्योगिक और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से सार्थक संवाद हुआ, जिसका लाभ आने वाले समय में राज्य को मिलेगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि इस दौरे का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना भी था। इस दिशा में राज्य को सफलता मिली है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की विशिष्ट पहचान उभरी है।

दौरे में शामिल रहा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल : उल्लेखनीय है कि इस विदेश दौरे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन के साथ मुख्य सचिव अविनाश कुमार, उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा झारखंड फेडरेशन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि भी शामिल थे। यह प्रतिनिधिमंडल 17 जनवरी को झारखंड से दावोस के लिए रवाना हुआ था।