रांची : झारखंड कांग्रेस ने अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने वाले पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे योगेंद्र साव को पार्टी से तीन वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की सिफारिश पर योगेंद्र साव को पार्टी से बाहर करने का फैसला लिया गया। मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने बताया कि संगठनात्मक अनुशासन को बनाए रखने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
गठबंधन सरकार और हेमंत सोरेन के विरुद्ध आपत्तिजनक बयान : सतीश पौल मुंजनी ने बताया कि पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव की ओर से लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से वर्तमान गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विरुद्ध आपत्तिजनक और अनुशासनहीन टिप्पणियां की जा रही थीं। उन्होंने बताया कि हाल ही में योगेंद्र साव ने फेसबुक लाइव के माध्यम से भी उन्होंने सरकार के खिलाफ अनुचित बयान दिए।
गठबंधन सरकार के खिलाफ सार्वजनिक वक्तव्य पार्टी की मर्यादा के विरुद्ध : कांग्रेस अनुशासन समिति ने योगेंद्र साव के इस आचरण को पार्टी की छवि के प्रतिकूल और संगठनात्मक नियमों का उल्लंघन मानते हुए गंभीरता से लिया। सतीश पौल मुंजनी ने बताया कि वर्तमान गठबंधन सरकार में कांग्रेस पार्टी की भागीदारी है, ऐसे में इस प्रकार के सार्वजनिक वक्तव्य पार्टी की मर्यादा के विरुद्ध हैं।
योगेंद्र साव 03 वर्षों के लिए निष्कासित : कांग्रेस पार्टी ने योगेंद्र साव के इस व्यवहार को पार्टी संविधान के अनुशासनात्मक नियमों की धारा-04 (क), (ख) एवं (ड़) का उल्लंघन माना। इसके साथ ही झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने निर्णय लिया है कि योगेन्द्र साव को कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 03 वर्षों के लिए निष्कासित किया जाता है।
योगेंद्र साव कई महीनों से आंदोलनरत : योगेंद्र साव एनटीपीसी खनन के खिलाफ और विस्थापितों के हक अधिकार को लेकर कई महीनों से आंदोलन चला रहे थे। शुक्रवार के ही हजारीबाग जिला प्रशासन की ओर से कोयला खनन क्षेत्र में स्थित योगेंद्र साव और कई विस्थापितों के घरों के बुलडोजर चला कर तोड़ दिया गया था।
