झारखंड : जमशेदपुर के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या, देहरादून में हमलावरों ने गोलियों से भूना 

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रांची : झारखंड के जमशेदपुर शहर के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात शुक्रवार की सुबह तब हुई जब विक्रम शर्मा शहर के सिल्वर सिटी मॉल के जिम से बाहर निकलकर आया था। उसे हमलावरों ने बहुत करीब से गोलियों से भून दिया। विक्रम शर्मा मूल रूप से उत्तराखंड के काशीपुर जिले के बाजपुर का निवासी था। हालांकि उसके अपराधों की भूमि झारखंड थी, जहां उस पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जिम से निकलते ही शूटरों ने की फायरिंग : देहरादून में कुख्यात अपराधी विक्रम शर्मा शुक्रवार की सुबह राजपुर रोड पर स्थित सिल्वर सिटी मॉल के जिम में गया था। वह मॉल से सुबह करीब 10 बजे बाहर आया। वह एस्केलेटर की ओर बढ़ रहा था कि वहां घात लगाकर बैठे दो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ तीन गोली चलाईं। गोलियां लगने पर वह वहीं गिर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक इस वारदात में तीन हमलावर शामिल थे। उनमें से दो मॉल के भीतर थे और तीसरा मॉल के बाहर बाइक पर बाकी दोनों का इंतजार कर रहा था। तीनों हमलावर फायरिंग के बाद तुरंत फरार हो गए।

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जमानत पर जेल से बाहर था विक्रम शर्मा : विक्रम शर्मा के खिलाफ झारखंड सहित कई स्थानों पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें करीब 30 मामले हत्याओं के हैं। पुलिस ने इस हत्या के पीछे आपराधिक गिरोहों का आपसी झगड़ा या कोई पुरानी दुश्मनी होने की संभावना जताई है। विक्रम शर्मा जमानत पर था और कई मामलों में आरोपी था। वह देहरादून में एक किराये के फ्लैट में रह रहा था और उसके पास एक लाइसेंस युक्त पिस्टल भी थी।

पुलिस ने इस केस की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी है। इसमें देहरादून पुलिस, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और झारखंड पुलिस शामिल है। सीसीटीवी फुटेज, संबंधितों के बयानों के आधार पर सबूत जुटाए जा रहे हैं। शूटिंग के पीछे की असल वजह पता करने और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की टीमें शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर तैनात की गई हैं। हमलावरों को तलाश किया जा रहा है। विक्रम शर्मा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

माफिया डॉन का गुरु था विक्रम : कुख्यात अपराधी विक्रम शर्मा जमशेदपुर में रहता था। उसके अपराधों की फेहरिस्त लंबी है। वह झारखंड के दुमका की जेल में बंद माफिया डॉन अखिलेश सिंह का गुरु था। वह जमशेदपुर में स्टोन क्रशर और ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता था। उसका प्रॉपर्टी डीलिंग का भी कारोबार था। उत्तराखंड के काशीपुर जिले के बाजपुर के मूल निवासी विक्रम शर्मा के पिता जमशेदपुर में टाटा स्टील में कर्मचारी थे। जब वे रिटायर हुए तो जमशेदपुर से देहरादून चले गए थे और वहीं रहने लगे थे। विक्रम शर्मा का छोटा भाई अरविंद शर्मा भी देहरादून में ही रहता है।

छह साल पहले जेल से हुआ था रिहा : विक्रम शर्मा झारखंड में अपने कारोबार के साथ अपराध की दुनिया में भी अपने पैर फैलाता गया। उसके खिलाफ 20 से अधिक केस दर्ज थे। जमशेदपुर में उसने कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया था। हालांकि अधिकतर केसों में वह बरी हो चुका था। विक्रम शर्मा को सन 2017 में जमशेदपुर पुलिस ने देहरादून में गिरफ्तार किया था। उसे रांची के होटवार जेल में रखा गया था। हालांकि बाद में कई मामलों में उसे जमानत मिल गई। इसके बाद उसे 30 जनवरी 2021 को रिहा कर दिया गया था।

विक्रम शर्मा हत्या के कई मामलों में आरोपी था। सन 2008 में जमशेदपुर में टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में उसका नाम था। उद्योगपति आशीष डे की हत्या, काशीडीह के रवि चौरसिया पर गोलीबारी, परमजीत सिंह की हत्या सहित जमशेदपुर में 20 से अधिक अपराधों में वह आरोपी था।

20 साल में किए कई जघन्य अपराध : कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा करीब 20 साल से आपराधिक वारदातें कर रहा था। उसने 2 नवंबर 2007 को साकची आम बागान के पास श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या कर दी थी। उसने 15 मार्च 2008 को साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग की थी। इस अपराधी ने 20 मार्च 2008 को साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर गोलियां चलाई थीं। उसने 25 जुलाई 2008 को बिष्टुपुर में कांग्रेस के नेता नट्टू झा के दफ्तर पर फायरिंग की थी।

विक्रम शर्मा ने 17 अगस्त 2008 को बर्मामाइंस में फायरिंग की थी। इसी माह उसने साकची में ठेकेदार रंजीत सिंह पर भी गोलियां चलाई थीं। विक्रम ने 17 सितंबर 2008 को एमजीएम अस्पताल मोड़ पर बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग की थी। उसने 4 अक्टूबर 2008 को बिष्टुपुर में बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या कर दी थी। इसी साल उसने बिष्टुपुर के कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या कर दी थी।