रांची : झारखंड निकाय चुनाव में मतदान से पहले एक बड़ी बात देखने को मिली है। चुनाव से जुड़े अधिकारी ने बताया कि नौ नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के 1,087 वार्डों में 48 महापौर/अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए चुनाव होंगे। महापौर या अध्यक्ष पद के लिए 235 महिलाओं सहित 562 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि वार्ड पार्षद पद के लिए 2,727 महिलाओं समेत 5,569 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 41 पार्षद पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि तीन वार्ड खाली रह गए क्योंकि वहां से कोई नामांकन नहीं मिला।
इन चुनावों में 21.26 लाख महिलाओं सहित 43.33 लाख से अधिक मतदाता मतदान के पात्र हैं। झारखंड में शहरी निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते, हालांकि उम्मीदवारों को दलों का समर्थन मिलता है। चुनाव के लिए कुल 4,304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 896 अति संवेदनशील और 2,445 संवेदनशील घोषित किए गए
चुनाव अधिकारी क्या बोले? : झारखंड में रांची समेत 48 नगर निकाय चुनाव के लिए आज वोटिंग हो रही है। राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया था कि चुनाव के लिए मतदान 23 फरवरी को होंगे और मतगणना 27 फरवरी को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधे श्याम प्रसाद ने कहा कि शहरी निकाय चुनावों का प्रचार शनिवार शाम पांच बजे थम गया। मतदान 23 फरवरी को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक होगा। नियमों के अनुसार मतदान समाप्ति के निर्धारित समय से 48 घंटे पहले कोई भी व्यक्ति न तो सार्वजनिक सभा बुला सकता है, न ही उसमें भाग नहीं ले सकता है। शनिवार को उम्मीदवारों ने समर्थन जुटाने के लिए अंतिम प्रयास किए।
बैलेट से होगा चुनाव! : मतदान बैलेट पेपर के जरिए होगा और इस बार मतदाताओं को नोटा का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा। यानी मतदाता को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से किसी एक को ही वोट देना होगा। मतदान के दिन संबंधित क्षेत्रों में ड्राई-डे लागू रहेगा और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारियों को हर दो घंटे पर राज्य निर्वाचन आयोग को स्थिति रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। इस बार के नगर निकाय चुनाव कई मायनों में अहम माने जा रहे हैं।
आरक्षण व्यवस्था लागू : पहली बार नगरीय निकायों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधित्व बढ़ाने और शहरी शासन में विविध भागीदारी सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रचार थमने के साथ ही प्रशासन की प्राथमिकता शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करना है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन ने सभी नगर निकायों में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। शनिवार को रांची सहित कई शहरों में पुलिस और सुरक्षाबलों ने चुनाव के मद्देनजर फ्लैग मार्च किया।
