झारखंड : राज्यसभा चुनाव में बिगड़ सकती है जेएमएम-कांग्रेस का सियासी खेल… BJP की उम्मीदें जगी

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रांची : झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की दो सीटों पर मई महीने में मतदान की संभावना है। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में विभिन्न दलों के सदस्यों की संख्या को देखते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन मजबूत स्थिति में है। सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), कांग्रेस, आरजेडी और भाकपा-माले गठबंधन दोनों सीटें जीतने की स्थिति में है, लेकिन बिहार और असम के पुराने सियासी घटनाक्रम इस बार खेल बिगाड़ सकते हैं।

झारखंड विधानसभा की दलीय स्थिति :

महागठबंधन : जेएमएम, कांग्रेस, आरजेडी, माले कुल 56 विधायक
एनडीए : भाजपा, आजसू, जदयू, लोजपा- कुल 24 विधायक
अन्य : जेएलकेएम 01 विधायक

पुराने जख्म और गठबंधन में दरार : राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बिहार और असम विधानसभा चुनावों के दौरान हुए आपसी मतभेदों का साया इस चुनाव पर पड़ सकता है। बिहार चुनाव में आरजेडी ने जेएमएम को सीटें देने से इनकार कर दिया था, वहीं असम में कांग्रेस की ओर से जेएमएम की अनदेखी की गई। इसके बाद असम विधानसभा चुनाव में जेएमएम ने अकेले 21 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है और उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया।

‘अनादर’ का जवाब राज्यसभा चुनाव में : राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेएमएम अब इन ‘अनादर’ का जवाब राज्यसभा चुनाव में दे सकती है। जेएमएम की ओर से बिहार में आरजेडी सिर्फ चार-पांच सीटों की मांग की जा रही थी। लेकिन आरजेडी की ओर से ऐन मौके पर जेएमएम के लिए कोई सीटें नहीं छोड़ी गई, जिसके कारण जेएमएम बिहार में चुनाव लड़ने से चूक गई।

वहीं असम विधानसभा चुनाव में तालमेल को लेकर सांसद गौरव गोगोई खुद जेएमएम प्रमुख और सीएम हेमंत सोरेन से मिलने रांची पहुंचे थे। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। लेकिन इस बातचीत के बावजूद जेएमएम और कांग्रेस में बात नहीं बनी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के एक दिन पहले 21 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी।

जेएमएम दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में : वर्तमान में एक सीट दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली है, जबकि दूसरी सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने पर रिक्त होगी। जेएमएम दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। हालांकि अब तक जेएमएम की ओर से राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया गया है।

कांग्रेस की ओर से एक सीट पर दावा : राष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख बचाने की कोशिश में जुटी कांग्रेस भी कम से कम एक सीट पर दावा ठोक रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद प्रदीप यादव की ओर से इसे लेकर पिछले दिनों सार्वजनिक बयान भी दिया था। परंतु राज्यसभा चुनाव को लेकर केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अंतिम फैसला लिया जाएगा।

क्या बीजेपी को मिलेगी सेंधमारी की जगह? : झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए कम से कम 28 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता है। आंकड़ों के लिहाज से महागठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जो दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त हैं। वहीं, एनडीए के पास केवल 24 विधायक हैं और उन्हें एक सीट निकालने के लिए कम से कम 4 और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। यदि जेएमएम और कांग्रेस के बीच खींचतान बढ़ती है, तो इसका सीधा फायदा भाजपा उठा सकती है।