झारखंड : लोहरदगा में परिवहन सचिव ने बस से किया सफर, ग्राम गाड़ी योजना की हकीकत का लिया जायजा

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लोहरदगा : झारखंड सरकार के परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन सोमवार को लोहरदगा पहुंचे और मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत संचालित बसों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान परिवहन सचिव ने खुद लोहरदगा से मुरमू गांव तक जोड़ने वाल बस में सफर कर यात्रियों से संवाद किया। साथ ही ग्राम गाड़ी योजना की बसों में मिलने वाली सुविधाओं से यात्रियों को अवगत कराया।

10 वर्गों के लोगों से यात्री भाड़ा नहीं : परिवहन सचिव राजीव रंजन ने यात्रियों को बताया कि विकलांग, विधवा, स्कूली बच्चियों समेत कुल 10 वर्गों के लोगों से यात्री भाड़ा नहीं लिया जाना है। आने वाले समय में और सुविधाएं बढ़ेंगी। इस जिले में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना अंतर्गत बसों के परिचालन की बेहतर संभावनाएं हैं जिससे यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी। लोहरदगा जिले में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के लिए कुल 26 रूट अधिसूचित हैं।

विद्यार्थियों, बुजुर्गों और महिलाओं को रियायती किराया : इस योजना के तहत संचालित बसों में खासकर ग्रामीण और जरूरतमंद वर्ग को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं दी जा रही हैं। विद्यार्थियों, बुजुर्गों और महिलाओं को रियायती किराया या निर्धारित श्रेणी में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। बसों में सुरक्षित बैठने की व्यवस्था, नियमित समय-सारणी और तय किराया लागू किया गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि ग्राम गाड़ी योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बढ़ने से विकास योजनाओं का क्रियान्वयन तेज हुआ है और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है।

निजी बस मालिकों को आय का अवसर : निजी बस मालिकों को सरकारी सहयोग, निश्चित रूट और स्थिर आय का अवसर मिल रहा है, जिससे रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। ग्रामीणों को सस्ते किराए में सुरक्षित और नियमित परिवहन सुविधा मिल रही है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें पूरी करना आसान हुआ है। मौके पर उपायुक्त डा कुमार. ताराचंद, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी और जिला परिवहन पदाधिकारी जया शंखी मुर्मू सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

बस में सफर कर लिया फीडबैक : परिवहन सचिव राजीव रंजन ने उपायुक्त डा. कुमार ताराचंद और जिला परिवहन पदाधिकारी जया शंखी मुर्मू के साथ लोहरदगा से मुरमू तक मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत संचालित बस में कुछ दूरी तक यात्रा की। परिवहन सचिव ने मौके पर मौजूद डीटीओ को स्पष्ट निर्देश दिया कि यात्रियों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसकी सफलता यात्रियों की संतुष्टि पर निर्भर करती है।

जीपीएस आधारित भुगतान व्यवस्था पर जोर : निरीक्षण के दौरान परिवहन सचिव ने योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बस संचालन में जीपीएस आधारित भुगतान प्रणाली को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। राजीव रंजन ने बताया कि राज्य में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना अंतर्गत 172 बसें संचालित हो रही हैं। जिसका भुगतान जीपीएस आधारित परिचालन के अनुसार किया जाता रहा है। वाहन में बैठने की क्षमता के अनुसार बस मालिकों को प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि

बसों की संख्या और संचालन का दायरा : राज्यभर में इस योजना के तहत 172 बसों का संचालन किया जा रहा है, जो विभिन्न जिलों के सुदूर गांवों तक अपनी सेवाएं दे रही हैं। इन बसों का रूट इस तरह तय किया गया है कि अधिक से अधिक पंचायत और गांव मुख्य सड़कों व बाजारों से जुड़ सकें। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान हुई है।

ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम : मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना ने झारखंड के ग्रामीण इलाकों में आवागमन की तस्वीर बदल दी है। यह योजना न केवल लोगों को जोड़ रही है, बल्कि गांवों की आर्थिक गतिविधियों को भी गति दे रही है। आने वाले समय में बसों की संख्या और रूट बढ़ने से इसका दायरा और प्रभाव व्यापक होने की उम्मीद है।

गांव-गांव तक बेहतर कनेक्टिविटी लक्ष्य : परिवहन सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पंचायत स्तर से लेकर सुदूर गांवों तक बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि आम लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।