धनबाद : धनबाद के जांबाज पुलिस अधीक्षक “अशोक चक्र” शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा के 35 वें शहादत दिवस पर रणधीर वर्मा चौक में आयोजित संगीतमय श्रद्धांजलि सभा में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम सहित अन्य पदाधिकारियों ने शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपायुक्त ने कहा कि शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनकी शहादत ने साबित किया है कि राष्ट्र सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। पूरे देश के लिए वे आदर्श है। जब तक इतिहास रहेगा देश उनको याद करते रहेगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से उन्होंने अदम्य साहस और समर्पण से अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आतंकवादियों से मुकाबला कर उनके षड्यंत्र को नाकाम कर दिया, वह गौरवशाली इतिहास बनकर रह गया।
इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा के शहादत दिवस से सभी पुलिस पदाधिकारियों को प्रेरणा मिलती है। शहादत के 35 वर्ष बाद भी यहां की जनता ने उन्हें अपने दिलों में याद रखा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारियों को यह भी प्रेरणा मिलती है कि अपने कर्तव्य के दौरान जो कुछ भी करना पड़े उसे सम्मान और खुशी से करें। उन्होंने जिले के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को भी अपनी मातृभूमि का कर्ज उतारने के लिए कुछ करना चाहिए।
इस अवसर पर शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा की धर्मपत्नी सह पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर रीता वर्मा ने कहा कि शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा को धनबाद की जनता प्यार और श्रद्धा से याद करती है। उनके शहादत दिवस पर जिला प्रशासन ने हमेशा भरपूर सहयोग दिया है।
उन्होंने कहा कि मातृभूमि के लिए कोई भी बलिदान कम है। आम जनों का भी कर्तव्य है कि जब भी मातृभूमि की पुकार हो तो अपना सर्वस्व बलिदान करने से पीछे नहीं हटे। समारोह को सांसद धनबाद ढुलू महतो ने भी संबोधित किया।
रणधीर वर्मा चौक के बाद बैंक मोड़ थाना परिसर में उपायुक्त, एसएसपी, प्रोफेसर रीता वर्मा, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम, डीएसपी सुमित कुमार, बैंक मोड़ थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर लव कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
उल्लेखनीय है कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के जांबाज अधिकारी और धनबाद के 41वें पुलिस अधीक्षक शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा 06.08.1989 से 03.01.1991 तक धनबाद के एसपी रहे। उन्होंने 3 जनवरी 1991 को धनबाद के हीरापुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया को लूटने आए खालिस्तानी आतंकवादियों से जूझते हुए वीरगति को प्राप्त किया। माननीय राष्ट्रपति ने उन्हें शौर्य, बहादुरी और बलिदान के लिए वीरता का सर्वोच्च पदक “अशोक-चक” से सम्मानित किया। माननीय उपराष्ट्रपति ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया था।
कार्यक्रम में रणधीर वर्मा मेमोरियल सोसायटी के अध्यक्ष किशोर कुमार, आयोजन समिति के संयोजक दीपक कुमार दीपू सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।
