NCB का बड़ा एक्शन, 15 करोड़ की हेरोइन जब्त; साबुन के डिब्बे में हो रही थी तस्करी

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नई दिल्ली : म्यांमार से भारत में हो रही ड्रग तस्करी के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बड़ी सफलता हासिल की है. NCB इंफाल जोनल यूनिट ने इंडोम्यांमार सीमा के पास 7.312 किलो हाई-ग्रेड हेरोइन जब्त की है. इसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी जा रही है. इस कार्रवाई में दो अंतरराष्ट्रीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. इससे म्यांमार से मणिपुर के रास्ते चल रहे एक बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ है. साथ ही तस्करी का हैरान कर देने वाला पैटर्न भी सामने आया है.

NCB के मुताबिक, पिछले कुछ समय से पारंपरिक तस्करी मार्गों पर सख्ती बढ़ने के बाद ड्रग माफिया अपने रास्ते बदल रहे हैं. अब तस्कर शहरों और हाईवे के बजाय घने जंगलों और नदी मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ताकि पुलिस चेकपोस्ट, सुरक्षा कैंप और शहरी निगरानी से बचा जा सके. यह नया तरीका पूरे नॉर्थ ईस्ट रीजन में लगातार सामने आ रहा है.

बीते महीने पकड़ी गई थी 7 किलो हेरोइन : इसी कड़ी में बीते महीने NCB गुवाहाटी जोनल यूनिट ने मणिपुर के जिरीबाम इलाके से करीब 7 किलो हेरोइन जब्त की थी. इससे तस्करी के बदलते पैटर्न की तस्दीक हुई. इसके बाद NCB ने सीमा क्षेत्रों में निगरानी और इंटेलिजेंस नेटवर्क को और मजबूत किया. पुख्ता खुफिया जानकारी पर 7 जनवरी को NCB इंफाल ने इंडोम्यांमार बॉर्डर के पास एक बोलेरो वाहन को रोका.

638 साबुन के डिब्बों में 7.312 किलो हेरोइन : तलाशी के दौरान 638 साबुन के डिब्बों में बेहद चालाकी से छिपाई गई 7.312 किलो हेरोइन बरामद की गई. यह खेप म्यांमार के हैचिन शहर से लाई गई थी और इसे मणिपुर के जंगलों के रास्ते आगे सप्लाई किया जाना था. इस ऑपरेशन में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिनखामलियन और मांगबोई सिमटे के रूप में हुई है. दोनों आरोपी मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के माटा-मुल्ताम इलाके के रहने वाले हैं.

जांच में हुए ये हैरान कर देने वाले खुलासे : शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये लोग सीमा पार से ड्रग्स लाने और भारत के अंदर सप्लाई करने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे. जब्त की गई हेरोइन की क्वालिटी काफी हाई है और इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय ड्रग बाजार में किया जाना था. इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, म्यांमार में सप्लाई चेन कैसे काम कर रही है और भारत के भीतर किन-किन राज्यों में इसकी सप्लाई होनी थी? इन सभी पहलुओं पर गहन जांच जारी है.