भुवनेश्वर : ओडिशा पुलिस ने संगठित पशु तस्करी रैकेट पर कड़ा प्रहार करते हुए पांच जिलों के 46 स्थानों पर छापेमारी की। नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 15 लाख रुपये नकद, 1 किलो 131 ग्राम सोना, 3 किलो 80 ग्राम चांदी, 23 चार पहिया वाहन, 23 दो पहिया वाहन, 13 मोबाइल फोन और 21 घड़ियां जब्त कीं। पुलिस ने बताया कि ये छापेमारी संगठित पशु तस्करी नेटवर्क की पहचान करने और उसे खत्म करने, प्रमुख सरगनाओं का पता लगाने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सबूत जुटाने के लिए की गई थी।
क्योंझर जिले के दैतारी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और ओडिशा गोहत्या निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की गई है। मंत्री ने आगे कहा कि 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और नकदी भी जब्त की गई है।
मंत्री ने दी चेतावनी : नंदा मल्लिक ने कहा कि उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है और ऐसे अपराधों के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पशु तस्करी रैकेट से जुड़े लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मैं इसमें शामिल सभी लोगों को चेतावनी देता हूं कि वे इसे तुरंत बंद कर दें, अन्यथा, इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
गो संरक्षण पर काम कर रही सरकार : मल्लिक ने गायों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की। मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के नेतृत्व में हमारी सरकार गायों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। इस संबंध में, राज्य में लगभग 80,000 किसानों ने मुख्यमंत्री कामधेनु योजना का लाभ उठाया है और लगभग 12,000-15,000 अधिक दूध देने वाली गायों का वितरण किया गया है
