पद्म पुरस्कारों का एलान, यूपी से चिरंजी लाल यादव, कर्नाटक के अंके गौड़ा समेत इनको सम्मान

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नई दिल्ली : भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान कर दिया गया है। माना जा रहा है कि साल 2026 में 45 से अधिक लोगों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री का सम्मान दिया जा सकता है।

कई लोगों को सम्मान : मध्य प्रदेश के बुंदेली युद्ध कला प्रशिक्षक भगवानदास रायकवार, महाराष्ट्र के 90 वर्षीय आदिवासी तारपा वादक भीकल्या लड़क्या ढिंडा (जो लौकी और बांस से बना एक वाद्य यंत्र है), और जम्मू और कश्मीर के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता बृज लाल भट का नाम भी इस सम्मानित सूची में शामिल है।

पद्म सम्मान पाने वाली की सूची :
अंके गौड़ा (कर्नाटक)
आर्मिडा फर्नांडिस (महाराष्ट्र)
भगवान दास रैकवार (मध्य प्रदेश)
भिकल्या लाडक्या ढिंडा (महाराष्ट्र )
बृजलाल भट्ट (जम्मू-कश्मीर)
बुधरी ताती (छत्तीसगढ़ )
चरण हेम्ब्रम (ओडिशा)
चिरंजी लाल यादव (उत्तर प्रदेश)
धार्मिक लाल चुन्नी लाल पांड्या (गुजरात)
कुमारस्वामी थंगराज (तेलंगाना)
पद्मा गुरमेट (जम्मू कश्मीर)
पुन्नियामूर्ति नटेसन (तमिलनाडु)
श्याम सुंदर (उत्तर प्रदेश)
गफरुद्दीन मेवाती जोगी (राजस्थान)
गंभीर सिंह योनजोन (पश्चिम बंगाल)
हैली वार (मेघालय)
हरि माधव मकोपाध्याय (पश्चिम बंगाल)
इंदरजीत सिंह सिद्धू (चंडीगढ़)
जोगेश दुर्ई (असम)
के. पाजनिवेल (पुडुचेरी)
कैलाश चंद्र पंत (मध्य प्रदेश)
खेम राज सुंद्रियाल (हरियाणा)
कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी (केरल)
महेंद्र कुमार मिश्रा (ओडिशा)
मंगला कपूर (उत्तर प्रदेश)
मीर हाजीभाई कसामभाई (गुजरात)
मोहन नागर (मध्य प्रदेश)
नरेश चंद्र देव वर्मा (त्रिपुरा)
निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला (गुजरात)
नूरुद्दीन अहमद (असम)
ओथुवार तिरुथानी स्वामिनाथन (तमिलनाडु)
पोखिला लेकथेपी (असम)
आर. कृष्णन (तमिलनाडु)
रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले (छत्तीसगढ़)
रघुपत सिंह (उत्तर प्रदेश)
रघुवीर तुकाराम खेड़कर (महाराष्ट्र)
राजस्थापति कालीअप्पा गौंडर (तमिलनाडु)
रामा रेड्डी मामिडी (तेलंगाना)
एस. जी. सुशीला अम्मा (कर्नाटक)
सांग्युसांग एस. पोंगेनर (नागालैंड)
शफी शौक (जम्मू कश्मीर)
श्रीरंग देवबा लाड (महाराष्ट्र)
सिमांचल पात्रो (ओडिशा)
सुरेश हनगावड़ी (कर्नाटक)
तगा राम भील (राजस्थान)
तेची गुबिन (आंध्र प्रदेश )
तिरुवारूर भक्तवत्सलम (तमिलनाडु)
तृत्पि मुखर्जी (पश्चिम बंगाल )
विश्व बंधु (बिहार)
युमनाम जात्रा सिंह (मणिपुर)1

एशिया का पहला मानव दूध बैंक स्थापित किया : इस लिस्ट में मुंबई की बाल रोग विशेषज्ञ आर्मिडा फर्नांडिस भी शामिल हैं, जिन्होंने एशिया का पहला मानव दूध बैंक स्थापित किया, जिससे शिशुओं के जीवित रहने की संभावनाओं में सुधार हुआ है।

दुनिया का सबसे बड़ा निशुल्क पुस्तकालय के लिए सम्मान : गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभर से ‘गुमनाम नायकों’ की श्रेणी में पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुने गए 45 ‘शख्सियत’ में विश्व का सबसे बड़ा निशुल्क पुस्तकालय स्थापित करने वाले एक पूर्व बस कंडक्टर, एशिया का पहला मानव दूध बैंक बनाने वाले एक बाल रोग विशेषज्ञ और एक 90 वर्षीय दुर्लभ वाद्य यंत्र वादक शामिल हैं।

कभी बस कंडक्टर रहे अंके गौड़ा ने दुनिया का सबसे बड़ा निशुल्क पुस्तकालय ‘पुस्तक माने’ स्थापित किया, जिसमें 20 भाषाओं में 20 लाख से अधिक पुस्तकें और दुर्लभ पांडुलिपियां शामिल हैं। कर्नाटक के मैसूरु के पास हरलाहल्ली गांव के 75 वर्षीय पुस्तक प्रेमी को पूरे भारत में शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने के उनके अनूठे प्रयास के लिए पद्म श्री के लिए चुना गया है।

गुमनाम नायकों की श्रेणी में इनको सम्मान : मध्य प्रदेश के भगवादास रायकवार और जम्मू-कश्मीर के बृज लाल भट को गुमनाम नायकों की श्रेणी में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।

पद्म पुरस्कारों से सम्मानित होंगी 131 हस्तियां, अभिनेता धर्मेंद्र को पद्म विभूषण, शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान। दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र समेत पांच हस्तियों को पद्म विभूषण सम्मान के लिए चुना गया है। इस साल कुल 131 हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से 13 पद्म भूषण और 113 लोगों को पद्म श्री सम्मान दिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी लिस्ट में खेल जगत से 9 लोगों को चुना गया है। कुल 44 लोगों को कला के क्षेत्र में उतकृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा। सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए 13 लोगों को सम्मानित किया जाएगा।

बुदरी थाटी और चरण हेम्ब्रम को पद्म श्री सम्मान : छत्तीसगढ़ के बुदरी थाटी और ओडिशा के चरण हेम्ब्रम को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

यूपी से चिरंजी लाल और गुजरात से धार्मिकलाल का नाम : गुमनाम नायकों की श्रेणी में पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों में उत्तर प्रदेश से चिरंजी लाल यादव, गुजरात से धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या का शामिल हैं।

कई गुमनाम नायकों को किया जाएगा सम्मानित : दरअसल, इस वर्ष के पद्म पुरस्कार से भारत के कोने-कोने से आए कई गुमनाम नायकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें हाशिए पर रहे पिछड़े और दलित समुदायों, आदिम जनजातियों और दूरदराज के दुर्गम इलाकों से आने वाले लोग शामिल हैं। ये वे लोग हैं, जिन्होंने दिव्यांगजनों, महिलाओं, बच्चों, दलितों और आदिवासियों की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है – स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आजीविका, स्वच्छता, सतत विकास आदि को बढ़ावा देने के लिए काम किया है।

अंके गौड़ा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में सम्मान : कर्नाटक के अंके गौड़ा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया जाएगा।

देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्मश्री विजेताओं के नामों का एलान कर दिया गया है। कर्नाटक के अंके गौड़ा और महाराष्ट्र की अरमिडा फर्नांडिस को गुमनाम नायकों की श्रेणी में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस सूची में मध्य प्रदेश के भगवदास रायकवार और जम्मू-कश्मीर के बृज लाल भट्ट का भी नाम शामिल है।