नई दिल्ली : कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी. यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब कुछ ही घंटे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे का स्वागत करते हुए फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की थी. इस पोस्ट में उन्होंने भाजपा में शामिल होने की इच्छा के संकेत दिए थे, जहां से सिद्धू दंपति ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी.
नवजोत कौर ने कांग्रेस अध्यक्ष पर साधा निशाना : कांग्रेस छोड़ने की घोषणा के साथ ही नवजोत कौर ने सोशल मीडिया मंच X पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राजा वारिंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मिलकर कांग्रेस को नष्ट किया है. अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनके पास राजा वारिंग को उजागर करने के पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि पार्टी में अब कोई आशाजनक नेतृत्व नहीं बचा है.
गौरतलब है कि पिछले साल 8 दिसंबर को नवजोत कौर को उनके विवादित बयान- ‘जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है, वही मुख्यमंत्री बन जाता है’ के बाद कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था. इस बयान के बाद पार्टी में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. उस समय पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग ने आदेश जारी कर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था.
पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी है नवजोत कौर : नवजोत कौर, पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं. वे पहले भाजपा के टिकट पर अमृतसर पूर्व से विधायक चुनी गई थीं. बाद में 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धू दंपति कांग्रेस में शामिल हो गया था. अपने हालिया बयानों में नवजोत कौर ने यह भी आरोप लगाया कि राजा वारिंग ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ मिलीभगत कर तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने दावा किया कि कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई तुरंत की गई.
इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी निशाना साधते हुए राज्य में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में रहते हुए नरेंद्र मोदी तीन बार गुजरात के मुख्यमंत्री चुने गए थे क्योंकि उन्होंने जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की थी, जबकि पंजाब में मौजूदा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है.
