नई दिल्ली : इस साल नौसेना कमांडरों के सम्मेलन का पहला चरण शनिवार को कर्नाटक के कारवार में आयोजित होगा। नौसेना के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आधार पर इसका आयोजन होगा। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हिंद महासागर पोत -आईओएस सागर को हरी झंडी दिखाएंगे।
एक वरिष्ठ नौसेना अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, यह पहल हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) के देशों के साथ सहयोग और भारत की महासागर (म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एक्रॉस द रीजन) दृष्टिकोण को बढ़ावा देगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च में मॉरिशस यात्रा के दौरान वैश्विक दक्षिण के लिए सुरक्षा और विकास की नई दृष्टि ‘महासागर’ की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य चीन के क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने के प्रयासों को रोकना है। इस मौके पर रक्षा मंत्री प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत कई समुद्री बुनियादी ढांचे और सहायता सुविधाओं का उद्घाटन भी करेंगे। उन्हें नौसेना की परिचालन तैयारियों और भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया जाएगा। प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत करवार में महत्वपूर्ण नौसैनिक अड्डे का विस्तार किया जा रहा है।
नौसेना कमांडर सम्मेलन दो चरणों में होगा। पहला चरण 5 अप्रैल को कारवार में और दूसरा चरण 7 से 10 अप्रैल तक नई दिल्ली में होगा। यह शीर्ष स्तर का द्विवार्षिक आयोजन है, जहां नौसेना के वरिष्ठ कमांडर रणनीतिक, परिचालन और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। अधिकारी ने कहा, यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र में भारत को पसंदीदा सुरक्षा साझेदार के रूप में स्थापित करने और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा व स्थिरता में भारतीय नौसेना के योगदान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।