रांची : भारतीय रेलवे की सुरक्षा शाखा, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एक व्यक्ति को निश्चित मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। झारखंड में रांची रेल मंडल के कमांडेंट पवन कुमार के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत तैनात जवानों ने गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को रांची रेलवे स्टेशन पर एक साहसिक बचाव अभियान को अंजाम दिया।
क्या है पूरा मामला : घटना उस समय की है जब ट्रेन संख्या 18403 एक्सप्रेस रांची स्टेशन से अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान कर रही थी। प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित ट्रेन पासिंग ड्यूटी निभा रहे एएसआई (ASI) विजय कुमार भारती और हेड कांस्टेबल नितेश कुमार अपनी गश्ती पर तैनात थे। इसी दौरान, उन्होंने देखा कि एक यात्री चलती हुई ट्रेन के कोच में चढ़ने का प्रयास कर रहा है। गति पकड़ती ट्रेन में चढ़ने के दौरान यात्री अचानक अपना संतुलन खो बैठा और उसका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच के खतरनाक गैप में गिर गया और ट्रेन के साथ घिसटने लगा।
चीख पुकार मची : वहां मौजूद यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई, लेकिन ड्यूटी पर तैनात ASI विजय कुमार और हेड कांस्टेबल नितेश कुमार ने एक पल की भी देरी किए बिना बिजली की गति से प्रतिक्रिया दी। दोनों जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए यात्री को कसकर पकड़ लिया और उसे पूरी ताकत से खींचकर प्लेटफॉर्म गैप से बाहर निकाला। यह बचाव इतना त्वरित था कि यदि इसमें एक सेकंड की भी देरी होती, तो यात्री ट्रेन के पहियों की चपेट में आ सकता था।
यात्री की पहचान : बचाव के बाद आरपीएफ द्वारा की गई पूछताछ में यात्री की पहचान 50 वर्षीय ओम प्रकाश अग्रवाल के रूप में हुई। धनबाद जिले के टुंडी निवासी ओम प्रकाश अग्रवाल भुवनेश्वर से धनबाद की यात्रा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि रांची स्टेशन पर वे पानी पीने के लिए नीचे उतरे थे, तभी ट्रेन चल पड़ी। जल्दबाजी में ट्रेन पकड़ने की कोशिश करना उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता था। उन्होंने भावुक होते हुए आरपीएफ जवानों का आभार व्यक्त किया। कमांडेंट पवन कुमार ने जवानों की इस सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की है।
