नई दिल्ली : सबरीमाला मंदिर सोना चोरी मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। एसआईटी ने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से जुड़े अहम गवाहों की गवाही के बाद पूर्व मुख्य पुजारी (तंत्री) कंदारारू राजीव को गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष ए. पद्मकुमार सहित गवाहों ने बेंगलुरु स्थित स्पॉन्सर पोट्टी के साथ राजीव के करीबी संबंधों का खुलासा किया।
कर्मचारियों ने भी राजीव के खिलाफ दिए बयान : उन्होंने दावा किया कि पुजारी ने उन्हें मंदिर तक पहुंच और अवैध सोने की परत चढ़ाने के कामों के लिए प्रभाव बनाने में मदद की। मंदिर के कर्मचारियों ने भी राजीव के खिलाफ बयान दिए, जिससे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप और मजबूत हो गए।
475 ग्राम से अधिक सोना अभी भी लापता : SIT सूत्रों ने पुष्टि की कि राजीव ने द्वारपाल की मूर्तियों और दरवाजों के फ्रेम से सोने की परत वाले पैनल हटाने की अनुमति दी थी, जिन्हें बोर्ड के नियमों के खिलाफ चेन्नई भेजा गया था। 8 और 9 जनवरी, 2026 को गहन पूछताछ के बाद, वह 11वें गिरफ्तार व्यक्ति बन गए, जबकि 475 ग्राम से अधिक सोना अभी भी लापता है।
बता दें कि सबरीमाला मंदिर, जो भगवान अय्यप्पा को समर्पित है। यह मंदिर केरल में स्थित है। ये मंदिर भारत के सबसे धनी और सबसे ज्यादा श्रद्धालु आने वाले मंदिरों में से एक है।
