नई दिल्ली/कोलंबो : श्रीलंका ने मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच तेल सप्लाई जारी रखने के लिए भारत से मदद की गुहार लगाई है। श्रीलंकाई सरकार का दावा है कि भारत ने उनके अनुरोध पर सकारात्मक जवाब दिया है। यह अनुरोध श्रीलंकाई विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने 6 मार्च को भारत दौरे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक ऑफिशियल मीटिंग के दौरान की थी। ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण मध्य पूर्व से तेल की आपूर्ति ठप पड़ चुकी है। इस कारण पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट बढ़ गया है।
श्रीलंकाई विदेश मंत्री ने किया अनुरोध : श्रीलंकाई मीडिया न्यूज वायर के अनुसार, एस जयशंकर के साथ चर्चा के दौरान श्रीलंकाई विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात बने रहने पर श्रीलंका की एनर्जी सप्लाई पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताई और ज़रूरी फ्यूल स्टॉक तक पहुंच पक्का करने में भारत से मदद मांगी। श्रीलंका सरकार ने कहा कि भारत ने रिक्वेस्ट पर पॉजिटिव जवाब दिया है और जरूरी उपायों पर विचार करने के लिए पहले से ही कदम उठाए जा रहे हैं। बयान के मुताबिक, इस कदम का मकसद यह पक्का करना है कि मिडिल ईस्ट में अनिश्चित हालात के बीच श्रीलंका आने वाले समय में बिना रुकावट और सुरक्षित फ्यूल सप्लाई बनाए रखे।
भारत ने बांग्लादेश को डीजल भेजा : भारत ने एक दिन पहले ही बांग्लादेश को 5000 टन डीजल भेजा था। ईरान युद्ध के बाद तेल आपूर्ति में व्यवधान के चलते बांग्लादेश पेट्रोल और डीजल की कमी से जूझ रहा है। ढाका ने भारत से डीजल की खेप प्राप्त होने की पुष्टि की है और अतिरिक्त आपूर्ति का अनुरोध किया है। बांग्लादेश पेट्रोलियम निगम (बीपीसी) के अध्यक्ष मोहम्मद रेजानुर रहमान ने बताया, “हमारा भारत के साथ एक समझौता है, और उस समझौते के अनुसार, भारत पाइपलाइन के माध्यम से प्रति वर्ष बांग्लादेश को 180,000 टन डीजल की आपूर्ति करेगा। इस समझौते के तहत अब 5,000 टन डीजल आ रहा है।” सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली 2017 में शुरू हुई ‘भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन’ पहल के तहत बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति कर रही है।
