नई दिल्ली : आईपीएल की फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन विवादों में घिर गई हैं और आईपीएल में सनराइजर्स का बहिष्कार करने की मांग सोशल मीडिया पर तेज हो गई है। यूजर्स सोशल मीडिया पर काव्या मारन की आलोचना कर रहे हैं और आईपीएल के आगामी सीजन में उनकी टीम का समर्थन नहीं करने की अपील की जा रही है। आईपीएल 2026 का सीजन 28 मार्च से शुरू हो रहा है, लेकिन इससे पहले ही सनराइजर्स फ्रेंचाइजी के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
अबरार अहमद के साथ करार पड़ेगा भारी? : सोशल मीडिया पर यूजर्स पाकिस्तान के खिलाड़ी अबरार अहमद को द हंड्रेड टूर्नामेंट के लिए सनराइजर्स लीड्स टीम में शामिल करने का विरोध कर रहे हैं। दरअसल, द हंड्रेड के लिए गुरुवार को लंदन में खिलाड़ियों की नीलामी हुई। इस लीग में सनराइजर्स लीड्स का स्वामित्व सन ग्रुप के पास है। इस फ्रेंचाइजी की सीईओ काव्या मारन हैं जो खुद नीलामी में मौजूद थीं। भारतीय स्वामित्व वाली सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के अबरार अहमद पर दांव लगाया और उन्हें 2.34 करोड़ रुपये में खरीदा।
क्यों हो रहा विवाद? : काव्या टीम के मुख्य कोच डेनिल विटोरी के साथ लंदन में मौजूद रहीं जब सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को खरीदने के लिए बोली लगाई। सनराइजर्स लीड्स के कप्तान हैरी ब्रूक हैं। पिछले कई वर्षों में यह पहली बार है जब आईपीएल से जुड़ी किसी फ्रेंचाइजी ने पाकिस्तानी क्रिकेटर को खरीदा है। द हंड्रेड की आठ में से चार फ्रेंचाइजी का स्वामित्व अब भारतीयों के पास ही है। इन फ्रेंचाइजी में मैनचेस्टर सुपर जाएंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स शामिल हैं। अबरार के खरीदे जाने से उन बातों पर भी विराम लग गया कि द हंड्रेड में भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए बोली नहीं लगाएंगी क्योंकि आईपीएल की फ्रेंचाइजी ने 2009 से दोनों पड़ोसी देशों के बीच खराब राजनयिक रिश्तों के कारण उनसे कोई अनुबंध नहीं किया है।
सोशल मीडिया पर हैशटैग के साथ चल रहे ट्रेंड : सनराइजर्स लीड्स के अबरार अहमद के साथ करार करने की खबर भारतीय प्रशंसकों को जरा भी रास नहीं आई। सोशल मीडिया पर ‘शेमऑनएचआरएच’ और ‘बॉयकॉटसनराइजर्स’ जैसे हैशटैग के साथ ट्रेंड चल रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि भारतीय सुरक्षा बलों की सार्वजनिक रूप से निंदा करने वाले खिलाड़ी को अनुबंध देकर फ्रेंचाइजी मालिक ने सामरिक लाभ के लिए राष्ट्रीय भावनाओं की अनदेखी की है।
किस तरह निशाने पर आईं काव्या : एक एक्स यूजर्स ने लिखा, ‘वर्षों तक भारतीय टीमों ने राष्ट्रीय भावनाओं का सम्मान करते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूरी बनाए रखी। लेकिन जैसे ही पैसा और विदेशी लीग मैदान में उतरते हैं, वह दृढ़ता गायब हो जाती है। भारतीय मालिक, भारतीय ब्रांड, लेकिन राष्ट्रीय भावना का कोई अस्तित्व नहीं। अगर लाभ देश से अधिक महत्वपूर्ण है तो भारत का प्रतिनिधित्व करने का दिखावा करना बंद करो।’ इसी तरह अन्य प्रशंसकों ने भी काव्या मारन और सनराइजर्स की तीखी आलोचना की।
अबरार नीलामी में बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी : अबरार द हंड्रेड की नीलामी के दौरान बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी थे। इससे पहले एक और स्पिनर उस्मान तारिक को बर्मिंघम फीनिक्स ने 140,000 पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपये) में खरीदा था। लीग 21 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगी।
