चेन्नई : तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में काणम पोंगल के मौके पर आयोजित थेनपेन्नई नदी महोत्सव उस समय मातम में बदल गया, जब गुब्बारों में गैस भरने वाला एक हीलियम सिलेंडर अचानक फट गया। इस दर्दनाक हादसे में 50 वर्षीय एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इससे पहले एक पुलिस अधिकारी ने मौत की अफवाहों का खंडन करते हुए कहा था कि विस्फोट स्थल पर तीन लोग बेहोश पाए गए और उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी जांच की जा रही है।
यह घटना मल्लुरपेट्टई इलाके में शाम करीब 7 बजे हुई, जब उत्सव लगभग समाप्त हो चुका था और लोग अपने-अपने घर लौट रहे थे। उसी दौरान बच्चों के मनोरंजन के लिए बड़े गुब्बारों में हीलियम गैस भरी जा रही थी। अचानक हुए तेज विस्फोट ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।
अधिकारी ने यह भी बताया कि चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना हीलियम गैस से भरे गुब्बारे बेचने वाली एक छोटी सी दुकान के अंदर हुई। बता दें कि तमिल में ‘आत्रु तिरुविझा’ कहलाने वाला यह त्योहार, जो अक्सर तमिल महीने ‘थाई’ (थाई पूसम) के पांचवें दिन विल्लुपुरम, कुड्डालोर और कल्लाकुरिची जैसे जिलों में मनाया जाता है और पोंगल फसल उत्सव के समापन का प्रतीक है, जो कि भारी भीड़ को आकर्षित करता है।
जांच में जुटी पुलिस : घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र को घेरकर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि सिलेंडर में हीलियम गैस भरी हुई थी। हालांकि हीलियम गैस ज्वलनशील नहीं होती, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि अत्यधिक दबाव या तकनीकी लापरवाही के कारण सिलेंडर फट सकता है। पुलिस का कहना है कि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हादसे की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
महिला की मौत, बच्चों की हालत गंभीर : जानकारी के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि महिला के दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में घायल हुए 18 लोगों को तुरंत तिरुवन्नामलाई सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि छह घायलों को आईसीयू में रखा गया है, जबकि कुछ की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। हादसे में घायल दो बच्चों के दोनों पैर काटने पड़े, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती : प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिलेंडर आकार में छोटा था, लेकिन उसके पास खड़े लोग सीधे विस्फोट की चपेट में आ गए। जो लोग थोड़ी दूरी पर थे, वे बाल-बाल बच गए। धमाके के बाद लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे और कुछ देर तक इलाके में दहशत बनी रही।
