नई दिल्ली : दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में 7 जनवरी 2026 की देर रात (लगभग 12:40 से 1:30 बजे के बीच) भारी सुरक्षा बल और बुलडोजर के साथ अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के अनुपालन में की गई, जिसमें रामलीला मैदान के पास लगभग 38,940 वर्ग फुट सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने का निर्देश दिया गया था।
प्रशासन का मुख्य निशाना फैज-ए-इलाही मस्जिद (Faiz-e-Elahi Masjid) के आसपास बनी अवैध संरचनाएं जैसे कि बारात घर (Banquet Hall), एक प्राइवेट डिस्पेंसरी, पार्किंग क्षेत्र और कुछ दुकानों की दीवारें थीं।
DCP निधिन वलसन ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने पर कहा, “हमने एक FIR दर्ज की है और उसके बाद एक स्पेशल टीम बनाई है। FIR को सेंट्रल दिल्ली की ऑपरेशंस यूनिट में ट्रांसफर कर दिया है। हमने एक स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर को स्पेशल इन्वेस्टिगेटर नियुक्त किया है, जिन्हें 4 सब-इंस्पेक्टरों की एक टीम सपोर्ट कर रही है…अब तक इस टीम ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें अब कोर्ट में पेश किया जाएगा
जैसे ही देर रात बुलडोजरों ने काम शुरू किया, स्थानीय निवासियों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकीं। इस हिंसा में एक SHO समेत कम से कम 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
दिल्ली पुलिस और MCD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद के मुख्य ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया गया है। कार्रवाई केवल उन अवैध निर्माणों पर हुई जो कोर्ट द्वारा चिह्नित अतिक्रमण की सीमा में आ रहे थे।
पुलिस का एक्शन: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की है और अब तक 5-6 लोगों को गिरफ्तार/हिरासत में लिया गया है। उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस बॉडी कैम और CCTV फुटेज की मदद ले रही है।
यह विवाद 0.195 एकड़ जमीन के स्वामित्व को लेकर है। प्रशासन के अनुसार मस्जिद केवल इसी सीमित क्षेत्र में वैध है, जबकि मस्जिद कमेटी का दावा है कि साथ लगा कब्रिस्तान और अन्य हिस्सा वक्फ की संपत्ति है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी ढांचे के तहत और अदालती आदेशों के पालन के लिए की गई है।
