उज्जैन : उज्जैन के तराना में हुआ सांप्रदायिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार रात तनावपूर्ण हालात के बाद शुक्रवार दोपहर एक बार फिर स्थिति बिगड़ गई। बस स्टैंड इलाके में पथराव हो गया और एक बस आग के हवाले कर दी गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने उपद्रवियों पर बीएनएस की धारा 163 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अभी तक 15 से 20 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। शुक्रवार दोपहर में मचाए गए उपद्रव के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुके हैं। फुटेज के माध्यम से भी उत्पात करने वालों की तलाश की जा रही है।
बस स्टैंड क्षेत्र मे मचा बवाल बस में आग लगाई : शुक्रवार दोपहर को जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यह समझ रहे थे कि पूरा मामला शांत हो गया है तभी तकिया मोहल्ला क्षेत्र बस स्टैंड में 50 से 60 लोगों की भीड़ पहुंची और पथराव शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़ में शामिल लोग धर्म विशेष के थे। पथराव के बाद दूसरे पक्ष के लोग भी सड़क पर उतर आए। दोनों समुदाय के लोगों के आमने-सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें रोका लेकिन इसी बीच किसी व्यक्ति ने यहां खड़ी एक बस में आग लगा दी। इसके बाद इलाके के हालात बिगड़ गए।
क्यों हुआ तराना में विवाद : गुरूवार को तराना की शुक्ला गली में रहने वाला सोहिल पिता सोनू ठाकुर उम्र 26 साल अपने घर से करीब 200 मीटर दूर राम मंदिर संघ कार्यालय के नजदीक बैठा था। शाम करीब 7.30 बजे ईशान मिर्जा और उसके साथ आठ से दस लोग लोहे की रॉड, लाठी और चाकू लेकर सोहिल के पास पहुंचे और उसे धमकाने लगे। इन लोगों का कहना था कि तुम (सोहिल) हमारे काम में बहुत टांग अड़ाते हो, हमारे रास्ते में मत आया करो।
आरोपियों के साथ सोहिल की कहासुनी हुई, इसी बीच आरोपियों ने सोहिल के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सोहिल को बचाने उसका चचेरा भाई आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। सोहिल को तत्काल ही तराना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे उज्जैन रैफर कर दिया गया। इस घटना के बाद सैकड़ों लोग अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए थे। यहीं भीड़ में से कुछ लोग बस स्टैंड की ओर आगे बढ़े व बसों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते तराना में तनाव के हालात निर्मित हो गए। रात में ही पुलिस ने ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ हेडली, सलमान, रिजवान और नावेद सहित छह लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया था। इसके बाद देर रात पुलिस क्षेत्र में गश्त करती रही।
अब आगे क्या मांग : पुलिस के अनुसार शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव भी किया। विरोध प्रदर्शन करते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि एक फरार आरोपी को पुलिस जल्द से जल्द पकड़े। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस ने बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। पुलिस ने सप्पन मिर्जा (मदारबड़ा), ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया है। इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता चाहते हैं कि जो एक आरोपी अभी फरार है उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए। साथ ही जिन पांच आरोपियों को अब तक पकड़ा जा चुका है उनके मकान तोड़े जाएं और उनका सामूहिक जुलूस भी निकाला जाए। प्रशासन और पुलिस अधिकारी हिंदूवादी संगठनों को समझाने में लगे हुए हैं, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। कार्यकर्ता थाने के सामने धरने पर बैठ गए थे और हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। आरोप है कि नमाज खत्म होने के बाद कुछ लोग यहां पहुंचे तो विवाद गहरा गया।
अचानक हुआ पथराव : तराना के बस स्टैंड इलाके में रहने वालों का कहना है कि पथराव करने वाली भीड़ अचानक इलाके में आई और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। भीड़ में 25 से 30 लोग थे।
एसपी भी पहुंचे तराना : तराना मामले में एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। अभी तक 15 से 20 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। साथ ही गुरूवार की घटना के मामले में पांच आरोपियों को भी पकड़ा जा चुका है। पूरे क्षेत्र में मोबाइल पेट्रोलिंग के साथ ही ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है। हर चौराहे पर पुलिस बल बलवा सामग्री के साथ मौजूद है। लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें।
अगर आपको कोई सूचना मिलती भी है तो पहले चौराहे पर तैनात पुलिस को उसके बारे में बताएं। एसपी शर्मा ने बताया कि दोपहर में मचाए गए उपद्रव के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुके हैं। हम फुटेज के माध्यम से भी ऐसे लोगों को चिन्हित करने में लगे हुए हैं जिनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।
पांच थाना प्रभारी, 100 से भी ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात : गुरुवार शाम के वक्त जब तराना में भीड़ उग्र हुई, तब तराना थाने में बमुश्किल 10 पुलिसकर्मी मौजूद थे। बवाल की सूचना के बाद कायथा और माकड़ौन से पुलिसकर्मी तराना पहुंचे। इसके कुछ देर बाद घट्टिया, महिदपुर और चिमनगंज मंडी से थाना प्रभारी अपने थानों का बल लेकर पहुंचे। रात करीब 10 बजे एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर भी तराना पहुंच गए थे। इनके साथ ही पुलिस लाइन से बल तराना भेजा गया। पांच थानों के प्रभारी और करीब 100 पुलिसकर्मी रात 11 बजे तक वहां पहुंच चुके थे। सुबह भी तराना के प्रमुख संवेदनशील इलाको में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
आईसीयू में भर्ती, हालत खतरे से बाहर : वहीं सोहिल ठाकुर को सिर पर गहरी चोट आई है। उसे उज्जैन जिला अस्पताल चरक भवन में भर्ती किया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। सोहिल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सिर में चोट की वजह से उसे आईसीयू वार्ड में रखा गया है।
लव जिहाद-गोरक्षा के मामलों में एक्टिव रहा है सोहिल : सोहिल ठाकुर जिस पर हमला हुआ वह बजरंग दल का नगर मंत्री है। सोहिल ठाकुर तराना में लव जिहाद-गोरक्षा जैसे मामलों में हमेशा संगठन की ओर से अगुवाई करता रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इसी वजह से भी वह कुछ असामाजिक तत्वों की निगाह में चढ़ा हुआ था।
