US के कब्जे में मादुरो, अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला के समर्थन में उतरे रूस-ईरान

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नई दिल्ली : वेनेजुएला की राजधानी काराकास शुक्रवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) अमरीकी हमलों से दहल उठी। अमेरिका के विमानों ने देश में कई जगहों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी हमलों के बीच अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया है।

वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज, उपराष्ट्रपति डेल्सी को अंतरिम राष्ट्रपति बनाए जाने का दावा : वेनेजुएला में सत्ता को लेकर बड़ी राजनीतिक हलचल के बीच खोजी पत्रकार लौरा लूमर ने शनिवार को दावा किया कि मौजूदा उपराष्ट्रपति डेल्सी को जल्द ही देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया जा सकता है। लूमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सूत्रों के हवाले से कहा कि यह फैसला अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए बड़े सैन्य हमले के बाद लिया जा रहा है।

लूमर के अनुसार, अमेरिकी विशेष बलों द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी के बाद सत्ता शून्यता की स्थिति पैदा हुई है, जिसे भरने के लिए डेल्सी को अंतरिम नेतृत्व सौंपे जाने की तैयारी है। हालांकि वेनेजुएला सरकार या आधिकारिक संस्थानों की ओर से अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।

रूस ने अमेरिकी कार्रवाई को बताया सशस्त्र आक्रामकता : रूस के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे सशस्त्र आक्रामकता करार दिया है। मंत्रालय ने शनिवार को टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि वेनेजुएला को बिना किसी बाहरी, विशेष रूप से सैन्य हस्तक्षेप के, अपने भविष्य का निर्धारण करने का पूरा अधिकार है। बयान में कहा गया कि किसी भी तरह का दबाव या सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों के खिलाफ है।

रूस ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तनाव को और बढ़ा सकते हैं। मॉस्को ने सभी पक्षों से संयम बरतने और हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की। साथ ही रूस ने वेनेजुएला की जनता और सरकार के प्रति अपनी एकजुटता दोहराई। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग का समर्थन करता है, ताकि मौजूदा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो सके और किसी भी संभावित टकराव को रोका जा सके। रूस का कहना है कि लैटिन अमेरिका को शांति का क्षेत्र बने रहना चाहिए और किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है।

अमेरिका ने मादुरो पर कौन से आरोप लगाए : अमेरिका के न्याय विभाग ने 2020 में वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो पर नार्को-आतंकवाद के गंभीर आरोप लगाए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान दायर कई अभियोगों में कहा गया कि मादुरो और उनके सहयोगियों ने वेनेजुएला को मादक पदार्थ तस्करों और आतंकी संगठनों के हित में काम करने वाले एक आपराधिक उद्यम में बदल दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए अरबों डॉलर की लूट की गई। उस समय के अटॉर्नी जनरल विलियम बोर ने इसे भ्रष्ट वेनेजुएला शासन करार दिया था।

न्यूयॉर्क में दायर एक आरोपपत्र में मादुरो और सत्तारूढ़ पार्टी के नेता कैबेलो पर कोलंबियाई विद्रोहियों और सैन्य अधिकारियों के साथ साजिश कर अमेरिका में कोकीन की बाढ़ लाने का आरोप लगाया गया। अभियोगों के साथ 14 अधिकारियों के नाम उजागर किए गए और मादुरो सहित पांच लोगों पर कुल 5.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया गया, जिसे यूनाइटेड स्टेट्स न्याय विभाग ने ड्रग व्यापार को अमेरिका के खिलाफ हथियार बताकर उचित ठहराया।

अमेरिकी हमलों के बाद वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक मांगी : वेनेजुएला सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। विदेश मंत्री गिल ने कहा कि अमेरिका द्वारा किए गए हमले वेनेजुएला की संप्रभुता पर आपराधिक आक्रमण हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा के लिए सुरक्षा परिषद को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

अमेरिकी हमले पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया : ईरान ने वेनेजुएला पर कथित अमेरिकी सैन्य हमले की कड़ी निंदा की है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूएस की यह कार्रवाई वेनेजुएला की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है और यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ है। ईरान ने वेनेजुएला के साथ एकजुटता जताते हुए ऐसे किसी भी सैन्य हस्तक्षेप को अस्वीकार्य बताया।

मादुरो के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू, रिपब्लिकन सीनेटर का दावा : अमेरिका में एक रिपब्लिकन सीनेटर ने दावा किया है कि यूएस ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की है। सीनेटर के अनुसार, यह जानकारी उन्हें अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो से बातचीत के दौरान मिली।