नई दिल्ली/कोलंबो : टी20 विश्वकप 2026 के सबसे हाई-वोल्टेज मैच को लेकर कई दिनों से बयान, राजनीति और अटकलों का दौर चल रहा था, लेकिन कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में जब खेल शुरू हुआ तो सारी चर्चा जल्दी ही फीकी पड़ गई। भारत टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजों ने ऐसा शिकंजा कसा कि पाकिस्तान टीम कभी मुकाबले में लौटी ही नहीं। हालांकि, मैच से ज्यादा चर्चा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी की हो रही है, जो बेशर्मी की हद पार करते हुए कोलंबो पहुंचे थे। इतना ड्रामा और गीदड़ भभकियों के बाद ट्रॉफी चोर नकवी कोलंबो पहुंचे, लेकिन अपनी टीम को हारता देख, बीच मैच में ही वापस लौट गए। इसका वीडियो भी सामने आया है।
नवाज का विकेट और नकवी की रवानगी : पाकिस्तानी पारी का 12वां ओवर मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। मोहम्मद नवाज के आउट होते ही स्कोर 77/5 हो चुका था और दबाव चरम पर था। इसी बीच न्यूज एजेंसी पीटीआई के कैमरों ने मोहसिन नकवी को स्टेडियम से बाहर निकलते हुए कैद कर लिया। बाद में तस्वीरें सामने आईं कि वह मैच खत्म होने से पहले ही कार में बैठकर रवाना हो गए। सोशल मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हुआ। कई प्रशंसकों ने तंज कसा कि हार देखने से पहले ही नकवी ने निकल लेना बेहतर समझा। मोहसिन नकवी जब से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रमुख बने हैं, तब से वह भारतीय प्रशंसकों के बीच खास लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाए हैं।
पाकिस्तान की पारी क्यों टूटी : लक्ष्य बड़ा था, लेकिन असंभव नहीं। जरूरत थी साझेदारी और संयम की। मगर भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही रन गति पर ब्रेक लगा दिया। बड़े शॉट खेलने की जल्दबाजी में विकेट गिरते गए। स्पिनरों के खिलाफ जोखिम भरे प्रयास उलटे पड़े और स्कोरबोर्ड का दबाव बढ़ता चला गया। नवाज के बाद उम्मीदें काफी हद तक खत्म हो गई थीं। निचला क्रम ज्यादा देर टिक नहीं पाया और पूरी टीम 18 ओवर में 114 पर सिमट गई। 61 रन की यह हार सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि मैच के एकतरफा रहने की गवाही थी।
नकवी और पुरानी तल्खियां : नकवी पहले भी सुर्खियों में रहे हैं, लेकिन नकारात्मक अंदाज में। एशियाई क्रिकेट से जुड़े मंचों पर उनके कुछ रुख और बयान चर्चा का विषय बने थे। यही वजह रही कि उनके स्टेडियम से जल्दी निकलने की तस्वीरों को लेकर प्रतिक्रियाएं और तेज हो गईं। एक सख्त छवि वाले राजनेता और आंतरिक मंत्री के तौर पर मोहसिन नकवी के सोशल मीडिया रुख को अक्सर भारत के प्रति कड़ा माना जाता है। पिछले साल एक विवाद तब भी चर्चा में रहा, जब भारतीय टीम ने उनके हाथों से एशिया कप ट्रॉफी लेने में अनिच्छा जताई। इसके बाद नकवी ट्रॉफी के साथ ही मैदान से चले गए थे और वह अब तक लौटाई नहीं गई है। यह मुद्दा समय-समय पर बहस में उठता रहा है। इसी वजह से नकवी को ट्रॉफी चोर नाम दिया गया।
भारत ने प्रदर्शन से दिया जवाब : मैच से पहले बहस बहुत थी, कौन खेलेगा, कौन नहीं, माहौल कैसा होगा, लेकिन अंत में क्रिकेट ने अपनी भाषा में बात की। भारत ने हर विभाग में बढ़त बनाई और दबाव को अवसर में बदला। इस तरह एक और भारत-पाकिस्तान मुकाबला, जो रोमांच के वादों के साथ शुरू हुआ था, स्पष्ट अंतर वाली जीत पर खत्म हुआ।
