मुंबई : महाराष्ट्र की महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालना तय हो गया है। शनिवार की शाम उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाने की तैयारी है। सुनेत्रा पवार राज्य की पहली उपमुख्यमंत्री होगी। इससे पहले दोपहर में एनसीपी (एपी) के विधायक दल की बैठक बुलाई गई है।
अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में होगा : एनसीपी के वरिष्ठ नेता और राज्य के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि शनिवार को विधानमंडल के सभी सदस्यों (विधानसभा और विधान परिषद) की बैठक बुलाई है। इसमें विधायक दल के नेता के पद पर चर्चा की जाएगी। कई नेताओं का मानना है कि यह जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को दी जानी चाहिए। इसमें मुझे कुछ भी गलत नहीं लगता। अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में होगा। कैबिनेट मंत्री भुजबल ने आगे कहा कि दादा के जाने के बाद उपमुख्यमंत्री का पद खाली है और इसे सुनेत्रा पवार के जरिए भरा जा सकता है, इस पर गंभीरता से विचार चल रहा है। यदि बैठक में सर्वसम्मति बनी तो उसी दिन शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाने की संभावना है।
भुजबल ने बताया कि इस मुद्दे पर हुई बैठकों में एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, धनंजय मुंडे और वे स्वयं शामिल थे। बैठक में यह तय किया गया है कि विधायक दल के नेता के रूप में सुनेत्रा पवार के नाम पर आगे बढ़ा जाए। हालांकि, दुख और शोक की स्थिति तथा कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण अभी औपचारिक पत्र जारी नहीं हुआ है। इस प्रक्रिया पर स्वयं सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल नजर बनाए हुए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद सुनील तटकरे, कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल, पार्टी नेता धनंजय मुंडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इनके बीच करीब डेढ़ घंटे बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस को जानकारी दी गई कि एनसीपी (एपी) विधानमंडल का नेता सुनेत्रा पवार को बनाया गया है। विधानसभा में पार्टी के 41 विधायक है।
पार्टी का विलय : दूसरी ओर, एनसीपी पार्टी के विलय की चर्चा शुरू है। पार्टी के नेता एकनाथ खडसे का कहना है कि अजित पवार और शरद पवार के बीच दोनों एनसीपी के विलय की बातचीत अपने अंतिम दौर में पहुंच गई थी इसलिए तो पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनाव दोनों ने गठबंधन कर लड़ा था। अजित पवार की इच्छा थी कि दोनों एनसीपी का विलय किया जाए। शरद पवार की पार्टी एनसीपी के नेता राजेश टोपे ने इसकी पुष्टि भी की। उनका कहना है कि दोनों एनसीपी के विलय को लेकर जो बात सामने आ रही है वह सही है। उन्होंने बताया कि उनकी बैठक हुई थी और एक होने की बात चल रही थी। अब अगर उसी वक्त अजित दादा का प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है, तो यह गंभीर मामला है।
अजित पवार सिंचाई घोटाले में बेदाग साबित होंगे- बीजेपी : बीजेपी मीडिया प्रभारी नवनाथ बन ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि दिवंगत अजित पवार कथित सिंचाई घोटाले के मामले में उन पर लगे आरोपों से बरी हो जाएंगे। अजित पवार को न्याय मिलेगा और वह बेदाग साबित होंगे। गौरतलब है कि पूर्व में बीजेपी ने ही अजित पवार पर सिंचाई विभाग में घोटाले का आरोप लगाया था और कहा था कि वह कभी भी एनसीपी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। साल 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आया और जून 2023 में, अजित पवार अपने चाचा शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी से अलग होकर बीजेपी सरकार में शामिल हुए और उपमुख्यमंत्री बने। बाद में अजित पवार का एनसीपी पर नियंत्रण हो गया, जबकि शरद पवार के समूह को एनसीपी (एसपी) के नाम से जाना जाने लगा।
सुनील तटकरे का बयान : महाराष्ट्र एनसीपी के चीफ सुनील तटकरे ने कहा कि मैंने शनिवार की दोपहर 2 बजे एनसीपी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक और सांसद मौजूद रहेंगे। बैठक में हम सुनेत्रा पवार के साथ चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। बैठक में जो भी निर्णय होगा, उसके बाद उपमुख्यमंत्री पद के लिए नाम मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपना रुख स्पष्ट करेंगे। हमें उम्मीद है कि सुनेत्रा पवार कल की बैठक में शामिल होंगी।
एनसीपी जो भी फैसला लेगी, हम साथ खड़े हैं- सीएम फडणवीस : नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एनसीपी जो भी निर्णय लेगी उसका हमारा पूरा समर्थन है। एनसीपी के निर्णय के साथ हम खड़े हैं। चाहे वो अजीत पवार जी का परिवार हो या एनसीपी हो, हम सरकार के रूप में और भारतीय जनता पार्टी के रूप में उनके साथ मजबूती के साथ खड़े हैं।
