पटना : बिहार में जिला प्रशासन, पटना द्वारा चैती छठ पर्व, 2026 के अवसर पर गंगा नदी के 8 घाटों को विभिन्न मानकों यथा नदी का कटाव, जल-स्तर आदि के आधार पर खतरनाक घाट घोषित किया गया है। इन घाटों का उपयोग प्रतिबंधित है। जिलाधिकारी, पटना द्वारा पदाधिकारियों को इन घाटों को लाल रंग से घेर कर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। जन सुरक्षा के दृष्टिकोण से आम जनता से अनुरोध है कि इन घाटों की ओर न जाएं।
कौन से घाट खतरनाक? : जिला प्रशासन की ओर से जिन छठ घाटों को खतरनाक घोषित किया गया है। उनमें एलसीटी घाट, राजापुर पुल घाट, पहलवान घाट, बॉस घाट, शिव घाट, दीदारगंज घाट पूर्वी, रिकाबगंज घाट, बुंदेली टोली घाट। इन घाटों पर लोगों को जाने से मना किया गया है। जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इन घाटों को खतरनाक चिन्हित किया गया है। यहां छठ करने के लिए नहीं जाएं। जानकारी के मुताबिक दानापुर से लेकर पटना सिटी के दीदारगंज तक करीब सैकड़ों गंगा घाट है। लेकिन जिला प्रशासन ने इन आठ घाटों को लेकर चेतावनी जारी की है।
डीएम के निर्देश जारी : छठ घाट पर जिला प्रशासन की ओर से रिवर पेट्रोलिंग, मेडिकल टीम, ग्राम रक्षा दल एवं नागरिक सुरक्षा के वॉलंटियर्स को प्रतिनियुक्त करने के लिए कहा है। सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से भी पूरी निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी के मुताबिक 22 मार्च से 25 मार्च तक गंगा नदी में नाव का परिचालन नहीं होगा। पटना के डीएम त्यागराजन एसएम ने घाटों पर रहने वाली भीड़ के अनुसार मजिस्ट्रेट की तैनाती की है। उसके अलावा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ और गोताखोरों को तैनात करने का निर्देश दिया है।
