नई दिल्ली : नौसेना ने स्वदेशी उन्नत गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट और पनडुब्बी-रोधी जलयानों को अपने बेड़े में शामिल किया है। इनमें उन्नत गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट दूनागिरी, सर्वेक्षण पोत संशोधक और पनडुब्बी रोधी युद्धक उथले पानी का पोत अग्रय शामिल हैं। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लि. (जीआरएसई) ने तीनों को कोलकाता में नौसेना को सौंपा।
अधिकारियों ने बताया कि दूनागिरी प्रोजेक्ट 17ए के तहत नीलगिरी श्रेणी का पांचवां पोत है और इस श्रेणी का दूसरा पोत है। पोत बहुमुखी, बहु-मिशन वाले प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें समुद्री क्षेत्र में मौजूदा और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है।
गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट स्टेट-ऑफ-द-आर्ट हथियारों और सेंसर से लैस : 149 मीटर लंबा, 6,670 टन वजनी गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट स्टेट-ऑफ-द-आर्ट हथियारों और सेंसर से लैस है। इसमें उन्नत मिसाइल प्रणाली और एक इंटीग्रेटेड कॉम्बैट मैनेजमेंट प्रणाली शामिल है, जो हवा, सतह और सब-सरफेस डोमेन में बहु-आयामी ऑपरेशन को मुमकिन बनाता है। उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस एंटी-शिप और लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों के साथ उन्नत रक्षा प्रणालियों से लैस दूनागिरी नौसेना की मारक और रक्षा क्षमताओं में महत्वपूर्ण छलांग है।
संशोधक से सर्वे क्षमताओं में होगा बड़ा इजाफा : जीआरएसई के बनाए चार बड़े सर्वे पोतों में से आखिरी संशोधक नौसेना की हाइड्रोग्राफिक और सर्वे क्षमताओं में अहम इजाफा करेगा। 110 मीटर लंबा और 3400 टन के विस्थापन वाला यह पोत तटीय और गहरे पानी में बड़े पैमाने पर हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने के लिए उन्नत प्रणालियों से लैस है।
अग्रय रखेगा पानी के नीचे निगरानी : अग्रय को तटीय जलक्षेत्र में ऑपरेशन्स के लिए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह से पानी के नीचे निगरानी, खोज और हमले के मिशन के साथ विमानों के साथ समन्वित अभियान चलाने में भी सक्षम है तथा यह हल्के टॉरपीडो तथा पनडुब्बी-रोधी युद्धक रॉकेटों से लैस है।
