Indian Navy : नौसेना बेड़े में शामिल हुआ स्वदेशी युद्धपोत INS तारागिरी, समुद्री हितों की करेगा सुरक्षा

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नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेश निर्मित उन्नत युद्धपोत तारागिरी को शुक्रवार को नौसेना के बेड़े में शामिल किया। इस दौरान उन्होंने कहा, एक मजबूत और सक्षम नौसेना कोई विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा समुद्र पर निर्भर करती है।

शुक्रवार को विशाखापट्टनम में स्वदेश निर्मित उन्नत युद्धपोत तारागिरी की कमिशनिंग के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ये शहर अपने आप में भारत की समुद्री शक्ति का साक्षी रहा है इसलिए विशाखापट्टनम से INS तारागिरी कमीशनिंग अपने आप में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मूवमेंट है। हमारी सांस्कृतिक विरासत से लेकर आज की रणनीतिक वास्तविकताएं तक समुद्र में हमेशा भारत की दिशा तय की है। भारत का हमेशा से ही समुद्र के साथ अनोखा संबंध रहा है और समय के साथ समुद्र से हमारा रिश्ता और भी मजबूत होता गया है।

‘ताकतवर नौसेना कोई विकल्प नहीं आवश्यकता’ : राजनाथ सिंह ने आगे कहा, एक मजबूत और सक्षम नौसेना कोई विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा समुद्र पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में समुद्री शक्ति बहुत महत्वपूर्ण है।

INS तारागिरी की खासियत :

  • प्रोजेक्ट 17ए’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।
  • इस युद्धपोत की बनावट अधिक पतली है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।
  • यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।
  • तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।
  • यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं।
  • इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।
  • युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।
  • INS तारागिरी बेड़े में शामिल करना भारतीय नौसेना की युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर बल के रूप में विकसित होने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो देश के समुद्री हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।