धनबाद : झारखंड में धनबाद जिला अंतर्गत मुनीडीह ओपी क्षेत्र के कारीटांड़ में बीसीसीएल के बंद पड़े कैप्टिव पावर प्लांट (सीसीपी) में शनिवार की रात में हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि बंद पड़े प्लांट में लोहा काटने गए चोरों ने गलती से गैस टंकी को काट दिया जिससे क्लोरीन गैस रिस गई और तीन युवकों की मौत हो गई। इसके आलावा सीआईएसएफ के तीन जवान, एक बीसीसीएल कर्मी और दो अन्य कर्मचारी गैस की चपेट में आने से अचेत हो गए।
बीमार हुए लोगों को उपचार के लिए बीसीसीएल के जगजीवन नगर स्थित केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह हादसा तब हुआ, जब लोहे की चोरी कर रहे लोंगों ने गैस कटर से गैस टंकी को काट डाला। इसके तेजी से गैस का रिसाव हो गया और तीन युवकों संजय यादव (केंदुआ), आनंद ताम्रकार उर्फ भोंदा (केंदुआ) और अजहरुद्दीन (लोयाबाद) की मौत हो गई।
करीब 15 युवक कर रहे थे चोरी : बताया जा रहा है कि करीब 15 युवक सीसीपी परिसर में घुसकर लोहा चोरी करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनमें से किसी ने क्लोरीन गैस से भरी टंकी को कटर से काट दिया। इसके बाद क्लोरीन गैस का तेजी से रिसाव होने लगा। गैस रिसाव होने पर लोग इधर-उधर भागने लगे। इसी बीच लोहा काट रहे आनंद ताम्रकार की मौके पर ही मौत हो गई। संजय यादव वहां से भागकर अपने घर पहुंचा। उसके परिवार ने उसे अस्पताल पहुंचाया। वहां 20 मिनट के अंदर उसकी मौत हो गई।
तीन जवान और दो कर्मचारी हुए बेहोश : दो व्यक्ति इमामुद्दीन और इब्राहिम भी गैस की चपेट में आ गए। दोनों का इलाज एसएनएमएमसीएच में चल रहा है। सीसीपी से 500 मीटर दूर कपाल घाट पर स्थित पंप हाउस में नाइट शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे सीआईएसएफ के जवान दर्शन सिंह, विपिन कुमार और ज्ञान सिंह गैस के कारण बेहोश हो गए। बीसीसीएल कर्मचारी पूना बाउरी और आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारी दुनिया लाल सिंह भी गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गए।
इस घटना की सूचना मिलने पर बीसीसीएल, सीआईएसएफ और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया गया। मौके पर गैस सिलेंडर और कटर बरामद किया गया है।
घर पहुंचकर संजय ने मां से कहा, जान बचा लो : गैस की चपेट में आए संजय यादव के बारे में बताया जा रहा है कि हादसे के बाद वह भागकर घर पहुंच गया था। उसने मां से कहा कि जान बचा लो, सांस लेने में बहुत परेशानी हो रही है। इसके बाद उसके परिजन उसे लेकर एसएनएमएमसीएच अस्पताल पहुंचे। वहां 20 मिनट बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हौ गई।
वर्षों से बंद पड़ा प्लांट, गैस टेस्टिंग की जा रही : बीसीसीएल का कैप्टिव पावर प्लांट वषों से बंद पड़ा है। फिलहाल परिसर में निजी कंपनी का ऑफिस संचालित है, जो ओएनजीसी के साथ मिलकर मीथेन गैस की टेस्टिंग कर रही है। बंद पड़ा प्लांट लोहा चोरों के निशाने पर है। बताया जा रहा है कि प्लांट की चहारदीवारी पीछे की ओर टूटी हुई है। इसी रास्ते से चोर परिसर में घुसकर लोहा काटकर ले जाते हैं।
घटना पर अधिकारियों ने साधी चुप्पी : घटना की सूचना पर बीसीसीएल मुनीडीह के महाप्रबंधक अरिंदम मुस्तफी, क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी वीएस वर्णवाल, सीपीपी प्रबंधन के पदाधिकारी, केंदुआडीह सर्किल के पुलिस इंस्पेक्टर जयप्रकाश महतो, पुटकी के थानेदार वकार हुसैन, मुनीडीह ओपी प्रभारी मनीता कुमारी, भागाबांध ओपी प्रभारी धर्मराज कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। हालांकि सभी अधिकारी इस घटना पर कुछ भी बोलने से बचते हुए दिखे।
प्लांट के पास कॉलोनी पर असर नहीं : इस घटना को लेकर कई संदेह हैं। आश्चर्य की बात है कि प्लांट के पास ही बीसीसीएल की कॉलोनी है, लेकिन वहां कोई भी व्यक्ति गैस की चपेट में नहीं आया। जबकि घटनास्थल से 500 मीटर दूर कपाल घाट पर स्थित पंप हाउस पर तैनात सीआईएसएफ के तीन जवान और दो कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। उनके बयानों में विरोधाभास है। अस्पताल में भर्ती दुनियालाल सिंह का कहना है कि वे ड्यूटी पर तैनात थे। रात में अचानक गला जलने लगा और उल्टी होने लगी। वहीं सीआईएसएफ जवान ज्ञान सिंह ने कहा कि पंप हाउस में तैनाती के दौरान ही वे गैस की चपेट में आ गए। क्यूआरटी ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। सवाल यह भी उठता है कि गैस रिसाव का ही मामला था तो मौके पर पत्रकारों को जाने से क्यों रोका गया?
इसकी कोई शिकायत नहीं मिली है। अपने स्तर पर पुलिस जांच कर रही है। घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस अधिकारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। प्रभात कुमार , एसएसपी, धनबाद
यह घटना पूरी तरह चोरी का मामला है। कैप्टिव पावर प्लांट में क्लोरीन का सिलिंडर और टंकी हैं। चोर लोहा काटने के लिए गए थे। पाइप लाइन काटने के दौरान गैस रिसाव हुआ और उससे मौतें हुई हैं। मामले की जांच सभी पहलुओं पर की जा रही है। जो भी दोषी होंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी। मनोज कुमार अग्रवाल,सीएमडी, बीसीसीएल
क्लोरीन गैस से कैसे होता है घातक असर : जानकार बताते हैं क्लोरीन गैस अत्यंत घातक हो सकती है। इससे मृत्यु होने की भी आशंका रहती है। यह गैस हवा से भारी होती है, इसलिए यह जमीन के करीब जमा हो जाती है। यह फेफड़ों को ज्यादा प्रभावित करती है। इससे दम घुटने लगता है और आंखों में तीव्र जलन होती है। गैस की मात्रा अधिक हो तो प्रभावित व्यक्ति फौरन बेहोश हो सकता है। सांस न ले पाने के कारण उसकी मृत्यु हो सकती है।
