कैलाश-मानसरोवर : आस्था के सबसे बड़े सफर के लिए 1000 श्रद्धालुओं का चयन, लिपुलेख और नाथू ला रूट से होगी यात्रा

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नई दिल्ली : आस्था, रोमांच और हिमालयी सफर का इंतजार अब शुरू हो गया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए 1000 श्रद्धालुओं का चयन कंप्यूटर ड्रॉ से किया गया है, जहां इस बार यात्रा पहले से ज्यादा आसान और मोटरेबल रूट के जरिए पूरी होगी।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं के चयन हेतु कंप्यूटरीकृत ड्रॉ प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान कुल 1000 श्रद्धालुओं का चयन किया गया, जिन्हें निष्पक्ष, रैंडम और जेंडर-बैलेंस्ड प्रक्रिया के जरिए चुना गया है। सरकार ने कहा कि चयन पूरी तरह कंप्यूटर जनित प्रक्रिया से हुआ, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।

जून से अगस्त तक चलेगी यात्रा : कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 जून महीने में शुरू होगी और अगस्त तक चलेगी। इस बार यात्रा के लिए कुल 20 बैच बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक बैच में 50 यात्री शामिल होंगे। श्रद्धालुओं को लिपुलेख दर्रे और नाथू ला दर्रे के जरिए यात्रा कराई जाएगी। दोनों रूट अब पूरी तरह मोटरेबल हो चुके हैं, जिससे श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में काफी कम पैदल चलना पड़ेगा।

लिपुलेख और नाथू ला रूट से होगी यात्रा : विदेश मंत्रालय के अनुसार, श्रद्धालुओं के लिए दोनों मार्गों पर सुविधाएं बेहतर की गई हैं। सड़क संपर्क मजबूत होने के कारण यात्रा अब ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक मानी जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि अलग-अलग बैचों और रूट से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक यात्रा वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है, ताकि चयनित श्रद्धालु अपनी यात्रा की तैयारी समय रहते कर सकें।

SMS और ईमेल से भेजी गई सूचना : चयनित श्रद्धालुओं को SMS और ईमेल के जरिए सूचना भेज दी गई है। इसके अलावा श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट https://kmy.gov.in पर लॉगिन कर अपने चयन की स्थिति भी देख सकते हैं। मंत्रालय ने श्रद्धालुओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-23088214 भी जारी किया है, जहां यात्रा से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अहम यात्रा : कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के श्रद्धालुओं के लिए बेहद पवित्र मानी जाती है। भगवान शिव के निवास स्थल माने जाने वाले कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आवेदन करते हैं। कोविड महामारी और सीमा संबंधी परिस्थितियों के बाद अब यात्रा के सुचारू संचालन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

श्रद्धालुओं ने जताई खुशी, खुद को बताया सौभाग्यशाली : कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चुने गए श्रद्धालुओं ने अपनी खुशी जाहिर की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान शिव ने उन्हें अपने धाम बुलाया है। उन्होंने इस अवसर को अपने जीवन का सौभाग्य बताया।