रांची : झारखंड की राजधानी रांची में साइबर अपराधियों ने ठगी के खतरनाक तरीके को इस्तेमाल किया। आजकल डिजिटल वेडिंग कार्ड फैशन में है। अब ये फैशन ठगी का जरिया बन गया है। रांची के हेहल इलाके में रामचंद्र नाम के व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर एक शादी का कार्ड मिला। जैसे ही उन्होंने कार्ड देखने के लिए फाइल पर क्लिक किया, उनका पूरा मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद महज दो दिनों के भीतर उनके बैंक खाते को पूरी तरह साफ कर दिया गया।
शादी के कार्ड की आड़ में डिजिटल सेंधमारी : रामचंद्र को 30 अप्रैल को उनके व्हाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से शादी का डिजिटल कार्ड भेजा गया था। कार्ड असली लगे, इसके लिए उसे सामान्य ग्राफिक्स के साथ भेजा गया था। पीड़ित ने जैसे ही कार्ड को डाउनलोड कर उसे खोलने के लिए लिंक या फाइल पर क्लिक किया, वैसे ही बैकग्राउंड में उनके फोन का एक्सेस अपराधियों के पास चला गया।
पांच बार में उड़ाए 2 लाख 73 हजार रुपए : हैकर्स ने फोन का कंट्रोल मिलते ही बैंकिंग ट्रांजेक्शन शुरू कर दिए। 2 मई को शातिर अपराधियों ने रामचंद्र के खाते से कुल पांच बार में 2.73 लाख की अवैध निकासी की। जिसकी जानकारी उन्हें फोन पर आए निकासी के मैसेज से हुआ। पीड़ित को ठगी का अहसास तब हुआ जब उनके मोबाइल पर पैसे कटने के मैसेज आने लगे। आनन-फानन में उन्होंने अपना बैंक खाता ब्लॉक करवाया और पुलिस की शरण ली।
अनजान फाइल्स और लिंक से रहें सावधान : साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ये एक ‘मैलवेयर’ हमला हो सकता है, जिसे शादी के कार्ड जैसी दिखने वाली फाइलों में छिपाया जाता है। पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए व्हाट्सएप संदेशों, विशेषकर APK फाइलों या संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें। अगर कोई अनजान व्यक्ति शादी का कार्ड भेजता है, तो उसे खोलने से पहले भेजने वाले की पहचान जरूर सुनिश्चित कर लें।
