मुंबई : महाराष्ट्र के नासिक में मल्टीनेशनल कंपनी टीसीएस के धर्मांतरण मामले में फरार महिला आरोपी निदा खान को नासिक पुलिस ने संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले निदा खान के वकीलों ने अप्रैल के महीने में ही जमानत (Bail) के लिए याचिका लगाई थी, लेकिन उस समय निदा को राहत नहीं मिली थी. तब से वो फरार चल रही थी. उसके वकीलों ने भी प्रेग्नेंसी का हवाला दिया था. इसके बाद 18 अप्रैल को निदा खान की डॉक्टर ने कहा था, ‘निदा खान प्रेग्नेंट है, निदा को एक वीक का रेस्ट बोला है. इसलिए वो स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं.’
निदा खान पर यौन शोषण में आरोपियों की मददगार : नासिक जिला कई महीनों से देश-प्रदेश की सुर्खियों में बना हुआ है. निदा खान पर टीसीएस में यौन शोषण के आरोपियों की मददगार होने का आरोप है. निदा खान काफी समय से फरार थी. टीसीएस कंपनी में हिंदू फीमेल स्टाफ के यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण की कोशिश का यह मामला केवल एक-दो केस का विवाद नहीं, बल्कि एक संगठित साजिश का रूप माना जा रहा है. इस केस के तार कई स्तरों से जुड़े बताए जा रहे हैं.
कई एंगल से जांच : इसी मामले में नासिक पुलिस विदेशी फंडिंग और ‘अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट’ जैसे एंगल पर काम कर रही है. इस साजिश की मुख्य संदिग्ध निदा खान काफी समय से फरार थी, इसलिए इस केस में उसकी भूमिका को लेकर मुकदमे दर्ज किए गए थे.
थानों में दर्ज मामलों की बात करें तो टीसीएस के इस ऑफिस में अत्याचार, छेड़छाड़ और धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में दानिश शेख, तौसिफ अत्तार और निदा खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. कुछ आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, जबकि निदा खान 27 मार्च से फरार थी. आपको बताते चलें कि नासिक टीसीएस केस में गिरफ्तारी से पहले जमानत पाने के लिए निदा खान ने अदालत का रुख किया था. हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) आवेदन खारिज कर दी थी. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि जांच के लिए निदा खान का मोबाइल फोन जब्त करना जरूरी है.
वहीं, निदा खान की ओर से अदालत में दलील दी गई कि पीड़िता ने केवल एक व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध और राजनीतिक उद्देश्य से झूठी शिकायत दर्ज कराई है. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि संदिग्ध तीन महीने की गर्भवती है और गिरफ्तारी से उसके बच्चे को नुकसान हो सकता है. इसके साथ ही, धर्मांतरण या जातिसूचक अपमान होने का कोई ठोस सबूत नहीं होने का दावा भी निदा के वकीलों ने किया था.
