झारखंड : तोपचांची झील में दो युवकों की मौत, अंत समय में भी नहीं छूटा साथ; एक-दूसरे से लिपटे रहे दोनों

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धनबाद : झारखंड के धनबाद में प्रकृति की गोद में बसी खूबसूरत तोपचांची झील शुक्रवार को एक ऐसी चीख की गवाह बनी, जिसने पूरे धनबाद को झकझोर कर रख दिया। यहाँ दो जिंदगियां पानी की गहराई में समा गईं, लेकिन जाते-जाते वे समाज को बहादुरी और रिश्तों का एक ऐसा सबक दे गईं जिसे देख पत्थर दिल भी पिघल जाए।

शुक्रवार को हेटली बांध निवासी कोयला कारोबारी संदीप झुनझुनवाला के छोटे पुत्र अमन झुनझुनवाला (22) समेत दो युवकों की तोपचांची झील में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी। शुक्रवार को अमन अपने दो दोस्तों रुद्र कुमार साव और प्रियांशु कुमार के साथ तोपचांची झील घूमने गया था और हादसे का शिकार हो गया। अमन जब नहाने के दौरान पानी मे डूबने लगा तब एक अजनबी युवक ने अमन की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर झील में छलांग लगा दी थी, लेकिन इस दौरान दोनों युवक झील में डूब गए थे और दोनों की मौत हो गई थी ।

अमन का शव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में पसरा मातम : शनिवार को जैसे ही अमन का शव उसके घर पहुंचा घर में कोहराम मच गया । वहीं अमन की मां सविता देवी अपने बेटे का शव देखकर दहाड़ मार कर रोने लगी और कुछ ही देर पर बार-बार बेहोश होने लगी थी, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों के दिल भी कांप उठे ।

मां-पिता और भाई समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गया अमन : मृतक अमन झुनझुनवाला अपने पीछे अपने पिता संदीप झुनझुनवाला, मां सविता झुनझुनवाला, बड़े भाई व चाचा विशाल झुनझुनवाला समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गया । अमन के निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है ।

यह है मामला : शुक्रवार को हेटली बांध निवासी कोयला कारोबारी संदीप झुनझुनवाला के छोटे पुत्र अमन झुनझुनवाला (22) समेत दो युवकों की तोपचांची झील में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी । शुक्रवार को अमन अपने दो दोस्तों रुद्र कुमार साव और प्रियांशु कुमार के साथ तोपचांची झील घूमने गया था और हादसे का शिकार हो गया । अमन जब नहाने के दौरान पानी मे डूबने लगा तब एक अजनबी युवक ने अमन की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर झील में छलांग लगा दी थी, लेकिन इस दौरान दोनों युवक झील में डूब गए थे और दोनों की मौत हो गई थी ।

अमन जब पानी मे डूब रहा था तब गोविंदपुर गांव बस्ती निवासी अरमान आलम (22) चिल्लाने की आवाज सुनकर अरमान ने एक पल की भी देरी नहीं की और अमन को बचाने के लिए गहरी झील में छलांग लगा दी और दोनों गहरे पानी मे डूब गए। उनकी मौत से ज्यादा दर्दनाक वह मंजर था जब शनिवार को दोनों के शव झील से बाहर निकाले गए। दोनों एक-दूसरे से कसकर लिपटे हुए थे।

अनजान होकर भी अरमान ने निभाई दोस्ती : अमन को डूबता देख किनारे पर चीख-पुकार मच गई। उसी समय वहां मौजूद अरमान आलम के लिए अमन कोई परिचित नहीं था, लेकिन डूबते इंसान को देख उसकी इंसानियत जाग उठी। बिना अपनी जान की परवाह किए अरमान ने झील में छलांग लगा दी। उसने अमन का हाथ पकड़ा, उसे खींचने की कोशिश की, लेकिन झील की गहराई और दलदल ने दोनों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।

एक-दूसरे को थामे निकले दो जांबाज : घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जब घंटों की मशक्कत के बाद दोनों के शरीर बाहर आए, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक उठीं। अरमान और अमन के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। ऐसा लग रहा था मानो मौत के आखिरी क्षणों में भी अरमान ने अमन का साथ नहीं छोड़ा और अमन ने अपने रक्षक को कसकर थामे रखा।

सुरक्षा पर फिर उठे सवाल : इस हादसे ने एक बार फिर तोपचांची झील जैसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि गहरे पानी वाले क्षेत्रों में कटीले तार या बैरिकेडिंग की जाए।जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए लाइफगार्ड की स्थायी तैनाती हो। अमन और अरमान की यह कहानी सालों तक तोपचांची की लहरों में गूंजती रहेगी। एक वह जो जिंदगी की तलाश में गया था, और दूसरा वह जो किसी अनजान के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर गया।