चतरा : जिले में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली। दोपहर करीब 02 बजे अचानक आसमान में अंधेरा छा गया। जिसके बाद तेज गर्जना के साथ बादल घिर आए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में ओलावृष्टि की भी सूचना है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अचानक ठंड का अहसास होने लगा।
हालात ऐसे हो गए मानो राजस्थान की तपती गर्मी से सीधे शिमला जैसी सर्दी में पहुंच गए हों। तेज आंधी के कारण कई जगहों पर प्रचार बोर्ड उड़ गए और बड़े-बड़े पेड़ भी धराशाई हो गए, जिससे यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसी दौरान कान्हाचट्टी प्रखंड के बाराबागी स्थित भवानी चौक पर एक बड़ा हादसा टल गया। उंटा-राजपुर मुख्य पथ पर स्थित बिहारी ठाकुर के घर पर एक विशालकाय पुराना शीशम का पेड़ गिर पड़ा।
पेड़ गिरने से घर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त घर में मौजूद पूरा परिवार सुरक्षित बच गया। घटना को लेकर बिहारी ठाकुर ने बताया कि हम लोग घर के अंदर ही थे, अचानक तेज आवाज के साथ पेड़ गिरा। अगर थोड़ी भी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। भगवान की कृपा से सभी सुरक्षित हैं, लेकिन घर को काफी नुकसान हुआ है।
उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आपदा जैसी स्थिति में भी प्रखंड प्रशासन के अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाया। हमने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, परिजनों ने वरीय अधिकारियों से मदद की अपील करते हुए शीघ्र राहत बचाव कार्य शुरू करने की है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
