UK : लंदन में संसद के बाहर PoK नरसंहार के खिलाफ ब्रिटिश कश्मीरियों का धरना, हिंसा के खिलाफ लगाए नारे

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नई दिल्ली/लंदन : पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर यानी PoK में लगातार अशांति जारी है. वहां की जनता सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रही. इस प्रदर्शन में पाकिस्तानी सेना ने कई प्रदर्शनकारियों की हत्या भी कर दी है. ऐसे में अशांति के विरोध में हजारों ब्रिटिश कश्मीरियों ने ब्रिटिश संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारियों ने पीओके की स्थिति पर ध्यान देने का आग्रह किया और संयुक्त राष्ट्र ( UN) और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से क्षेत्र में हो रही घटनाओं की जांच करने की अपील की. रविवार ( 14 जून 2026) को हजारों ब्रिटिश कश्मीरी लंदन में पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर के बाहर पीओके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से मानवाधिकार उल्लंघन और बल प्रयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए. उन्होंने मामले में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और जवाबदेही की मांग की.

प्रदर्शनकारियों के साथ हो रहा जुल्म : प्रदर्शनकारियों ने पीओके में नागरिकों की मौत, चोटों, महिलाओं के उत्पीड़न और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने हाथों पर पोस्टर और बैनर लेकर अशांति से प्रभावित लोगों के लिए न्याय की मांग की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पीओके की स्थिति पर ध्यान देने की मांग की.

रैली कर रहे लोगों ने कहा कि पीओके में रहने वाले लोग आर्थिक राहत, सस्ती बिजली, शासन सुधार और अधिकारियों की ओर से किए गए वादों को पूरा करने जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन  सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर अत्यधिक बल का प्रयोग किया, जिसके चलते कई नागरिकों की जान चली गई और कई घायल हो गए.

प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग : रैली में शामिल कई लोगों ने पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से पीओके के कई हिस्सों में की गई हिंसक कार्रवाई की निंदा की और घटनाओं की स्वतंत्र जांच की मांग की. आयोजकों के मुताबिक, इस प्रदर्शन का मकसद पीओके के निवासियों की शिकायतों की और वैश्विक ध्यान आकर्षित करना और क्षेत्र में मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने रविवार ( 14 जून 2026) को रावलकोट ईदगाह में धरने पर बैठे लोगों पर डायरेक्ट फायरिंग की, जिसमें 2 नागरिकों की मौत हुई और एक दर्जन से अधिक घायल हो गए.

क्यों जारी है प्रदर्शन? : बता दें कि पीओके में हफ्तों से अशांति जारी है. यहां के लोग शासन संबंधी मुद्दों, आर्थिक कठिनाइयों, बढ़ते इंफ्लेशन, हाई इलेक्ट्रिसिटी बिल, बेसिक चीजों की कमी और आरक्षित विधायी सीटों के बंटवारे को लेकर सड़कों पर उतरे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों को कंट्रोल करने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात किया, जिससे हिंसक झड़पें हुईं और कई लोग हताहत हुए. रावलकोट और अन्य क्षेत्रों में हुई झड़पों में कई लोग मारे गए और कई घायल हो गए, जिसके चलते मामले में स्वतंत्र जांच की मांग उठाई जा रही है.