कर्नाटक : बेंगलुरु के शेल्टर होम से चार अफ्रीकी महिलाएं फरार, रात के अंधेरे में खिड़की तोड़कर भागी

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बेंगलुरु : कर्नाटक के बेंगलुरु में पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। शहर के एक सुधार गृह (शेल्टर होम) से चार विदेशी महिलाएं अचानक फरार हो गई हैं। यह मामला सीधे तौर पर विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और निगरानी से जुड़ा है, इसलिए पुलिस अलर्ट पर है। इन महिलाओं ने भागने के लिए बहुत ही चालाकी से शेल्टर होम की खिड़की को तोड़ दिया। यह एक बड़ी लापरवाही का भी मामला है जिसे प्रशासन बहुत गंभीरता से ले रहा है।

पुलिस ने रविवार को इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला 11 मई की सुबह 3 बजे से 6 बजे के बीच का है। उत्तरी बंगलूरू के डोड्डागुब्बी इलाके में ‘न्यू आर्क मिशन ऑफ इंडिया’ नाम की संस्था एक ‘होम ऑफ होप’ शेल्टर होम चलाती है। इसी शेल्टर होम में इन अफ्रीकी महिलाओं को रखा गया था। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ये महिलाएं खिड़की तोड़कर भाग निकलीं और शेल्टर होम के कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

शेल्टर होम में कितने विदेशी नागरिक रह रहे थे? : इस शेल्टर होम के मैनेजर श्रीनिवास एन ने पुलिस स्टेशन जाकर अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि इस संस्था में कुल 40 विदेशी नागरिक रह रहे थे। इनमें 22 पुरुष और 18 महिला विदेशी नागरिक शामिल थे। इन सभी को बंगलूरू के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों से पकड़कर यहां लाया गया था। ये सभी विदेशी नागरिक रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) के निर्देशों के तहत यहां रखे गए थे।

फरार होने वाली विदेशी महिलाओं की पहचान क्या है? : पुलिस और शेल्टर होम के कर्मचारियों के अनुसार, फरार होने वाली चारों महिलाएं अफ्रीकी मूल की हैं। इनकी पहचान टोपिस्टा क्विकीरिजा, नगावा शील्लाह उर्फ टिबिव इरेना, सफीना नकन्यिके और फितिना नजेयिमाना के रूप में हुई है। ये चारों महिलाएं एक साथ योजना बनाकर शेल्टर होम की खिड़की तोड़कर भागने में सफल रहीं। अब पुलिस हर जगह इनकी तलाश कर रही है।

एफआईआर दर्ज कराने में देरी क्यों हुई? : घटना 11 मई की सुबह की है, लेकिन पुलिस में शिकायत रविवार को दर्ज कराई गई। इस देरी के बारे में शेल्टर होम के मैनेजर श्रीनिवास ने पुलिस को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भागने की घटना के बाद उन्होंने अपने स्तर पर हर जगह इन चारों महिलाओं की तलाश की। जब काफी खोजने के बाद भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, तब जाकर उन्होंने पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई।

इस घटना के बाद शेल्टर होम की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में जहां विदेशी नागरिक रखे गए हों, वहां से किसी का इस तरह आसानी से खिड़की तोड़कर भाग जाना एक बड़ी चूक है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन महिलाओं की भागने में किसी बाहरी व्यक्ति या कर्मचारी ने मदद की है।

पुलिस ने इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर एफआरआरओ के निर्देशों के सख्त उल्लंघन का है। विदेशी नागरिकों का इस तरह छिपकर भागना कानून के खिलाफ है। इसलिए शहर के कई हिस्सों में पुलिस की अलग-अलग टीमें इनकी तलाश कर रही हैं।