नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले पहले नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान करेंगी।
इस वर्ष भारत सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 16 लोगों को मरणोपरांत सम्मान दिया जाएगा।
1954 में हुई थी पद्म पुरस्कारों की शुरुआत : पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। वर्ष 1954 में शुरू किए गए ये पुरस्कार हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट और उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना है। कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, लोक प्रशासन तथा व्यापार एवं उद्योग जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए ये सम्मान दिए जाते हैं।
प्रवीण कुमार को मिलेगा पद्मश्री : अनसंग हीरोज वर्ग में पद्म श्री हासिल करने वाले ऊंची कूद के खिलाड़ी प्रवीण कुमार उन कुछ लोगों में से एक हैं जिन्होंने अपनी शारीरिक कमियों को अपने करियर में ताकत में बदला है और भारतीय पैरा खेलों की दिशा बदल दी। गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में 15 मई 2003 को जन्मे प्रवीण का एक पैर दूसरे से छोटा था लेकिन वह बहुत तेज छलांग लगाने के काबिल थे और जल्द ही उन्होंने ऊंची कूद को अपना जुनून बना लिया।
उनका करियर एक अंतर स्कूल ऊंची कूद प्रतियोगिता दौरान बदला जहां उन्होंने पूर्ण सक्षम खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला किया जिससे विशेषज्ञों का ध्यान उनकी ओर गया। कोच सत्यपाल सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में ट्रेनिंग ली जिससे उनके कौशल में और निखार आया और वह दुनिया के शीर्ष पैरा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए।
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 26 मई को राष्ट्रपति भवन में एक समारोह के दौरान ऊंची कूद (टी64 वर्ग) में मौजूदा पैरालंपिक चैंपियन प्रवीण (23) को पद्मश्री से सम्मानित करेंगी।
