झारखंड : पुलिस मुख्यालय में 27 नक्सलियों ने किया सरेंडर, गोद में एक साल का बच्चा लिए पहुंची महिला नक्सली

Jharkhand-Naxal-Surrender-Ranchi

रांची : झारखंड की राजधानी रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में 27 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। इस दौरान एक भावुक तस्वीर देखने को मिली, जब एक महिला नक्सली अपनी गोद में एक साल से भी छोटा बच्चा लेकर आत्मसमर्पण करने पहुंची। गोद में बच्चे से साथ मुख्य धारा में लौटने के संकल्प के कारण वो मीडिया की सुर्खियों में रही।

डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बच्चे के साथ सरेंडर करने वाली महिला नक्सली का शॉल ओढ़ाकर और बुके देकर स्वागत किया। यह दृश्य वहां मौजूद अधिकारियों और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। महिला नक्सली उन 27 उग्रवादियों में शामिल है, जिन्होंने आज सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण किया।

नक्सली दस्ते के लिए खाना बनाने की जिम्मेदारी : पुलिस के सामने हथियार डालने वालों में 27 नक्सलियों में से आठ महिला नक्सली भी शामिल हैं। मीडिया के बातचीत के दौरान इन महिला नक्सलियों ने बताया कि संगठन में उनका मुख्य काम दस्ते से सभी सदस्यों के लिए भोजन बनाना होता था।

झारखंड में वर्ष 2026 में 22 माओवादी मारे गए, 44 गिरफ्तार किए गए और 29 ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। -तदाशा मिश्रा, डीजीपी

महिला नक्सली ने कभी नहीं चलाई गोली : सरेंडर करने वाली एक महिला नक्सली ने बताया कि जितने दिनों तक वो संगठन में रही, कभी एक गोली नहीं चलाई। इस दौरान जब भी मुठभेड़ की घटनाएं होती, वो सभी उस इलाके से निकल जाती थी। सरेंडर करने वाली महिला कैडरों में वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, निति माई उर्फ हेंब्रम, सुसारी उर्फ सुरू कालुंडिया, मुन्नीराम मुंडा, बुमली तियू, बंसती देवगम, और अनिशा कोड़ा उर्फ रानी सहित कई नाम शामिल हैं।

जोनल कमांडर समेत कई सक्रिय सदस्यों का आत्मसमर्पण : आत्मसमर्पण करने वालों में तीन जोनल कमांडर, छह सब-जोनल कमांडर, एरिया कमांडर और दस्ता सदस्य शामिल हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सभी नक्सलियों ने औपचारिक रूप से हथियार डाले। झारखंड सरकार की सरेंडर पॉलिसी के तहत सभी को प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जी सकें।

किस पद के नक्सलियों ने किया सरेंडर : जोनल कमांडर 6, एरिया कमांडर 6, सक्रिय कैडर 13

16 हथियार और 2857 कारतूस सौंपा : पुलिस महानिदेशक के समक्ष 5 इंसास राइफल सहित 16 आधुनिक हथियार और 2857 जिंदा कारतूस भी सौंपे हैं। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर ये भटके युवा मुख्यधारा में लौटे हैं। इसमें 9 एसएलआर, 1 राइफल और 1 पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा 27 मैगजीन, 2857 कारतूस और 8 वॉकी टॉकी को भी सौंपा गया।

मिसिर बेसरा पर बढ़ा दबाव : सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और सेंट्रल कमेटी मेंबर असीम मंडल के नेटवर्क के लिए बड़ा झटका साबित होगा। मिसिर बेसरा और असीम के खिलाफ एक करोड़ का इनाम है। सूत्रों के मुताबिक, लगातार बढ़ते दबाव के कारण नक्सली संगठन अब अपने पुराने सुरक्षित ठिकाने पोड़ाहाट क्षेत्र की ओर रुख कर सकता है। पुलिस को आशंका है कि मिसिर बेसरा और सालुका जैसे शीर्ष नक्सली अब भी दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपे हो सकते हैं।