शिमला : हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप की तीव्रता में रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई। भूकंप से घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। इससे लोगों में दहशत फैल गई। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
हिमाचल में कब आया भूकंप? : मौसम विज्ञान कार्यालय के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे भूकंप आया और इसका केंद्र धर्मशाला से लगभग 40 किलोमीटर दूर कांगड़ा-चंबा सीमा के पास कांगड़ा के धर गोदोई के पास सतह से पांच किलोमीटर की गहराई में था। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के झटके महसूस होने के बाद धर्मशाला और आसपास के इलाकों के लोगों में दहशत फैल गई और वे अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राज्य के किसी भी हिस्से से अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
चंडीगढ़ और पंजाब और हरियाणा में भी महसूस किए गए झटके : दरअसल कांगड़ा और चंबा जिले भूकंपीय क्षेत्र पांच के अंतर्गत आते हैं, जो उच्च क्षति जोखिम वाला क्षेत्र है। खबरों के मुताबिक, चंडीगढ़ और पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
कितना तेज आए भूकंप तो खतरनाक : दरअसल भूकंप की तीव्रता की अधिकतम सीमा अभी तक तय नहीं की गई है। हालांकि माना जाता है कि रिक्टर स्केल पर अगर 7.0 या उससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप आए तो उसको सामान्य से कहीं अधिक खतरनाक माना जाता है। वहीं, 2.0 या इससे कम तीव्रता वाला भूकंप को सूक्ष्म भूकंप कहा जाता है। जो सामान्यतः महसूस नहीं होते। इसके अलावा 4.5 या इससे अधिक की तीव्रता वाले भूकंप घरों को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं।
