नई दिल्ली : भारत के पड़ोसी देश भूटान के पास 5.6 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप के चलते असम समेत पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। फिलहाल किसी तरह से नुकसान की खबर नहीं है। 7 जून 2026 की रात करीब 11.06 बजे भूटान के पास भूकंप आया। जिस जगह भूकंप आया, वह भारत के राज्य असम के कई इलाकों से महज 252 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसके चलते असम में भी झटके महसूस किए गए।
पश्चिम बंगाल में लगे भूकंप के झटके : पश्चिम बंगाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। सिलीगुड़ी और कूचबिहार में झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी गई। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र भूटान के पुनाखा से 5 किलोमीटर दूर था। रविवार रात करीब 11:06 बजे झटके महसूस किए गए, जिससे कूचबिहार और अलीपुरद्वार समेत पूरे उत्तर बंगाल क्षेत्र में हलचल मच गई। भूकंप के झटके बांग्लादेश, नेपाल और चीन में भी महसूस किए गए।
डर के मारे घरों से बाहर निकले लोग : दरअसल उत्तर बंगाल के जिलों में रविवार शाम से ही लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में अचानक आए भूकंप से स्वाभाविक रूप से अफरातफरी मच गई। कई स्थानीय लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। सिलीगुड़ी के एक निवासी ने कहा कि मुझे कुछ ही पल पहले अपने मोबाइल फोन पर भूकंप का अलर्ट मिला। इसके तुरंत बाद घर हिलने लगा। मैं डर के मारे बाहर भागा। हालांकि, अभी तक किसी नुकसान या जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
धर्मशाला क्षेत्र में भूकंप के कई झटके : इससे पहले शनिवार को हिमाचल के धर्मशाला क्षेत्र में भूकंप के कई झटके महसूस किए गए थे। इनमें रिक्टर पैमाने पर 5.0 तीव्रता का एक बड़ा झटका भी शामिल था। अधिकारियों ने बताया था कि क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां पांच जून को दर्ज की गईं, जिनमें सबसे शक्तिशाली झटका रात 10 बजकर चार मिनट पर आया। उन्होंने बताया कि इसका केंद्र धर्मशाला से लगभग 40 किलोमीटर दूर, धौलाधार पर्वतमाला में कांगड़ा-चंबा सीमा पर स्थित धार घडोई और आरएफ कुगती के बीच था।
भूटान का पनुखा इलाका था भूकंप का केंद्र : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप का केंद्र भूटान का पनुखा इलाके था। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर नीचे है। पश्चिम बंगाल के भी कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियो-साइंस के अनुसार, भूकंप के झटके भूटान, भारत के साथ ही चीन, बांग्लादेश और नेपाल में भी महसूस किए गए। इससे लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया और लोग अपने घरों से निकल आए।
पूरा हिमालय क्षेत्र भूकंपीय तौर पर बेहद संवेदनशील : भूकंप के इन झटकों ने एक बार फिर हिमालय क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। भूटान एक बेहद संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है और यहां भारतीय और यूरेशियन प्लेट्स लगातार धीमी गति से होने वाली टक्कर के चलते भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिनकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.0 रही। 5 जून को महसूस किए गए भूकंप का केंद्र धर्मशाला से करीब 40 किलोमीटर दूर धोलाधार पर्वतमाला में था, जो कांगड़ा-चंबा सीमा के पास स्थित है।
