Air India के फ्लाइट में लैंडिंग से पहले पैसेंजर ने तोड़ी खिड़की, चंडीगढ़ से दिल्ली आ रहा था विमान

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नई दिल्ली : चंडीगढ़ से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के एक विमान के एक यात्री ने लैंडिंग के वक्त खिड़की का शीशा तोड़ दिया। घटना रविवार की है और उस यात्री को लैंडिंग के तुरंत बाद ग्राउंड स्टाफ और सिक्योरिटी को सौंप दिया गया। घटना तब हुई जब फ्लाइट नंबर AI1879 दिल्ली एयर पोर्ट पर लैंड होने वाला था। बाद में पूछताछ के दौरान उस यात्री के माता-पिता ने बताया कि वह मानसिक स्वास्थ्य की दिक्कतें झेल रहा है।

यात्रा ने विमान की खिड़की का शीशा तोड़ा : एयर इंडिया के विमान में खिड़की का शीशा तोड़ने वाले पैसेंजर की जांच के बाद आगे की कार्रवाई चल रही है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने कहा है कि इस मामले में एयरलाइन की इंटर्नल कमेटी यह फैसला करेगी कि क्या उस पैसेंजर को ‘अनरूली’ पैसेंजर घोषित करते हुए ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में डाल दिया जाए?

विमान की लैंडिंग के बाद सिक्योरिटी को सौंपा गया : एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ‘ग्राउंड स्टाफ को सूचना दे दी गई थी और दिल्ली में विमान के लैंड होने के बाद उसे एयरपोर्ट स्टाफ और सिक्योरिटी के लोगों के हवाले कर दिया गया।’
 
एयर इंडिया ने भी दी पूरी घटना की जानकारी : एयर इंडिया के प्रवक्ता ने भी इस घटना की पुष्टि की है। प्रवक्ता के अनुसार, ‘फ्लाइट AI1879 7 जून को चंडीगढ़ से दिल्ली की उड़ान पर था और बदतमीज यात्री की ओर से घटना को अंजाम देने के बाद दिल्ली में सुरक्षित लैंड कर गया। कॉकपिट क्रू ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेड्योर का पालन किया और पैसेंजर को चेतावनी देने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी टीम को मामले की जानकारी दे दी गई। उड़ान के दौरान पैसेंजर, क्रू और विमान की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया गया।’

ऐसे मामलों में कंपनी की जीरो-टॉलरेंस की नीति : एयर इंडिया प्रवक्ता ने आरोपी पैसेंजर को सिक्योरिटी एजेंसियों के हवाले करने की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले की जानकारी रेगुलेटर को दे दी गई है और कंपनी जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाती है। प्रवक्ता ने कहा, ‘एयर इंडिया ऐसे बर्ताव के प्रति जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाती है, जिससे यात्रियों और स्टाफ की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।’

सुरक्षा कर्मियों के हवाले करने पर माफी मांगने लगा : एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने कहा, ‘पैसेंजर आक्रामक हो रहा था और केबिन क्रू की ओर से बार-बार दी जा रही चेतावनियों को नकार रहा था, लेकिन जैसे ही उसे सुरक्षाकर्मियों के हवाले किया गया, उसने बार-बार माफी मांगनी शुरू कर दी।’

  • एयरपोर्ट अधिकारी के अनुसार आरोपी पैसेंजर पटना का रहने वाला है।
  • मामले को एयरलाइन की इंटरनल कमेटी को रेफर किया गया है।
  • कमेटी यह देखेगी कि उसे ‘अनरूली’ पैसेंजर की श्रेणी में रखा जाना चाहिए और क्या उचित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।
  • एयरपोर्ट के एक और अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल-3 से आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की भी कोशिश की थी।
  • लेकिन, सीआईएसएफ की चौकन्नी क्विक रेस्पॉन्स टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया और फिर से पुलिस के हवाले कर दिया।
  • उन्होंने बताया कि पूछताछ में उसके माता-पिता ने पुलिस को बताया कि वह मानसिक स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित है और अनुरोध किया कि उसे पटना तक की यात्रा करने दी जाए।
  • लेकिन, एयर इंडिया ने उसे दूसरी फ्लाइट पकड़ने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि तब घटना की जांच चल रही थी।
  • बाद में जरूरी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उसे उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।