कोलकाता : कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद यूसुफ पठान की उम्मीदवारी को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी पर फिर से हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनावों के दौरान ध्रुवीकरण की राजनीति का सहारा लिया था। चौधरी ने दावा किया कि टीएमसी ने उन्हें बहरामपुर निर्वाचन क्षेत्र में हराने के एकमात्र मकसद से यूसुफ पठान को मैदान में उतारा था।
कुरान बांटकर हराया था चुनाव : अधीर रंजन चौधरी ने यूसुफ पठान की भूमिका पर कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने उनके खिलाफ यूसुफ पठान को इसीलिए उतारा था, क्योंकि उन्हें हराने के लिए मुसलमान कैंडिडेट चाहिए था। यूसुफ पठान ने मौलानाओं के साथ मस्जिद के दौरे किए और कुरान बांटे। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने 30 फीसदी हिंदू और 70 फीसदी मुसलमान का आंकड़ा दिया। इसके बाद दंगे कराए।
टीएमसी पर लगाए आरोप : अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि मुझे हराने और ध्रुवीकरण की राजनीति करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके पठान को उतार गया था। वह (ममता) खुद वहां गईं, इस व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया और प्रचार शुरू किया, जिसमें मुस्लिम उम्मीदवार को वोट देने की अपील की गई कि आप इतने सालों से हिंदुओं को वोट देते रहे हैं। इस बार उन्हें वोट दें। इसके बाद वह चुनाव हार गए। चौधरी ने कहा कि युसूफ पठान टीएमसी की ओर से तैयार पुतले हैं और पुतलों के रीढ़ की हड्डी नहीं होती।
क्यों आया बयान? : अधीर रंजन चौधरी का यह बयान बहरामपुर से सांसद के तौर पर यूसुफ पठान के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच आया है। ये अटकलें उन खबरों के बाद शुरू हुईं जिनमें कहा गया था कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी इस सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, 6 जून को पठान ने उन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि बनर्जी ने उनसे अपनी लोकसभा सीट से इस्तीफा देने को कहा था ताकि वह उपचुनाव में उम्मीदवार बन सकें।
यूसुफ बयान ने क्या इस्तीफे पर क्या कहा? : सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो बयान में यूसुफ पठान ने कहा कि ये खबरें पूरी तरह से झूठी हैं और स्पष्ट किया कि न तो ममता बनर्जी और न ही पार्टी के किसी अधिकारी या नेता ने कभी उनसे ऐसे किसी प्रस्ताव पर चर्चा की है। पठान ने कहा कि कुछ समय से यह खबर वायरल हो रही है कि ममता बनर्जी ने मुझसे बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद पद से इस्तीफा देने को कहा है ताकि वह वहां से लोकसभा चुनाव लड़ सकें। ममता बनर्जी ने मुझसे ऐसा कभी नहीं कहा है।
गांगुली का भी आया था बयान : इस विवाद पर पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने बनर्जी की ओर से संभावित इस्तीफे के संबंध में पठान से संपर्क किया था। एक बयान में गांगुली ने कहा कि न तो बनर्जी ने उनसे कोई संदेश पहुंचाने का अनुरोध किया था और न ही उन्होंने ऐसे किसी प्रस्ताव के साथ पठान से संपर्क किया था। उन्होंने इन आरोपों को असत्य बताया और मीडिया संगठनों से रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने का आग्रह किया।
