कोलकाता : पश्चिम बंगाल में टीएमसी विधायकों के बागी गुट बनाने के बाद अब लोकसभा सदस्यों की बगावत पर दिल्ली में राजनीतिक घमसान जारी है। सोमवार को बड़ी सियासी हलचल के बीच काफी टीएमसी सांसद पूर्व अभिनेत्री और टीएमसी नेता शताब्दी रॉय के घर भी पहुंचे। बाद में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी शब्तादी रॉय के घर गए। देर रात टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय के घर से निकले। मंगलवार सुबह शताब्दी रॉय दिल्ली से कोलकाता के लिए रवाना हुईं। टीएमसी की सांसदों की बगावत में शताब्दी रॉय की अहम भूमिका मानी जा रही है।
काकोली घोष Vs कल्याण बनर्जी : टीएमसी की बागी नेता काकोली घोष दस्तीदार का दावा है कि 13 नहीं बल्कि 20 सांसदों ने पत्र पर दस्तखत किए हैं। उनका कहना है कि यही पत्र लोकसभा के स्पीकर को दिया गया है। वे खुद के लोकसभा में टीएमस की चीफ व्हिप होने का दावा कर रही हैं। इधर कल्याण बनर्जी का कहना है कि ममता बनर्जी ने उन्हें पिछले महीने चीफ व्हिप नियुक्त किया था। इस सब के बीच शताब्दी रॉय की भूमिका अहम बनी हुई हैं। वे लोकसभा में टीएमसी की डिप्टी लीडर हैं। लीडर अभिषेक बनर्जी है। शताब्दी रॉय की गिनती बागी सांसदों में है। कुछ दिनों पहले उन्होंने ममता बनर्जी को चुभने वाला बयान दिया था।
टीएमसी ने नहीं बनाया, मैं खुद स्टार थीं : शताब्दी रॉय ने कहा था कि मैं खुद एक स्टार थी। मुझे टीएमसी ने नहीं बनाया है। शताब्दी रॉय बंगाली सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री रह चुकी हैं। वह अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सदस्य हैं। वर्तमान में पश्चिम बंगाल की बीरभूम लोकसभा सीट से सांसद हैं। वह पहली बार 2009 में बीरभूम से सांसद चुनी गईं। इसके बाद वह 2014, 2019 और 2024 में लगातार इसी सीट से लोकसभा चुनाव जीतती आ रही हैं। उन्हें टीएमसी ने लोकसभा में उपनेता भी घोषित किया गया था।
सिर्फ कुछ खास नेताओं की ही ममता तक पहुंच थी। कुछ ही लोग अहम फ़ैसले लेते थे। नेताओं की चिंताओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ममता दीदी बदल गई थीं। -शताब्दी रॉय, टीएमसी बागी सांसद (NDTV से)
बंगाल की चर्चित अभिनेत्री हैं शताब्दी रॉय : शताब्दी रॉय 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक में बंगाली सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्होंने 1986 में तपन सिन्हा की प्रशंसित फिल्म ‘आतंक’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। 5 अक्टूबर 1969 को जन्मी शताब्दी रॉय पश्चिम बंगाल के अगरपारा (उत्तर 24 परगना) की रहने वाली हैं। उन्होंने कोलकाता के जोगोमाया देवी कॉलेज से कला में स्नातक (BA) की डिग्री प्राप्त की है। टीएमसी में बगावत के पीछे काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय की भूमिका अहम मानी जा रही है।
